ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में फिजी गणराज्य के उच्चायुक्त कमलेश शशिप्रकाश पहुंचे। उन्होंने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। उन्होंने उच्चायुक्त को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि कमलेश शशि प्रकाश का विश्व शांति हवन में सहभाग करना और भारतीय संस्कृति के प्रति उत्सुकता यह दर्शाता है कि 150 वर्ष पूर्व फिजी गए भारतवासियों ने अब भी अपनी दिव्य संस्कृति को सहेज कर रखा है। उनकी भारतीय संस्कृति में जो आस्था और निष्ठा है, यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे अनेक उदाहरण हैैैं, जो आज भी भारतीय संस्कृति को जी रहे हैं। फिजी ने भी भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है। वहां पर लगभग हर घर में हनुमान चालीसा, श्री रामचरित्र मानस का पाठ और मंत्रों का गान होता है। फिजी गणराज्य के उच्चायुक्त कमलेश शशि प्रकाश ने कहा कि परमार्थ निकेतन की यात्रा उनकी सबसे यादगार यात्राओं में से एक है। उन्होंने आश्रमाध्यक्ष से निवेदन किया कि फिजी में भी परमार्थ निकेतन की शाखाएं खोली जाएं ताकि वहां पर भी संस्कृत की शिक्षा और भारतीय संस्कृति का ज्ञान युवाओं को मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वामी का आशीर्वाद, साध्वी भगवती सरस्वती के सत्संग और मां गंगा की आरती अत्यंत आनंददायक है।