{"_id":"6adf6a03e8511d9c77086880","slug":"healthcare-services-at-aiims-affected-by-nursing-officers-strike-promotion-dispute-escalates-rishikesh-news-c-5-1-drn1086-1099493-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: एम्स में नर्सिंग अधिकारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, पदोन्नति विवाद ने पकड़ा तूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: एम्स में नर्सिंग अधिकारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, पदोन्नति विवाद ने पकड़ा तूल
Mon, 26 Oct 2026 08:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 26 Oct 2026 08:26 PM IST
विज्ञापन
- आरक्षण रोस्टर के पालन पर सवाल,
- पदोन्नत अधिकारियों को तैनाती न मिलने से दूसरा गुट भी कार्य बहिष्कार पर उतरा
ऋषिकेश। एम्स में नर्सिंग अधिकारियों की पदोन्नति पर विवाद गहराता जा रहा है। पदोन्नति प्रक्रिया के विरोध और पदोन्नत अधिकारियों को तैनाती नहीं मिलने के मुद्दे पर नर्सिंग अधिकारी दो गुटों में बंट गए हैं। मंगलवार को दोनों गुटों के कार्यबहिष्कार करने से संस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। विवाद के चलते मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एम्स प्रशासन ने बीते 10 अक्तूबर को पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराई थी। इसके बाद 53 वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को सहायक नर्सिंग अधीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई। हालांकि, इस प्रक्रिया के संबंध में एम्स विरोध शुरू हो गया और मामला दो गुटों के बीच टकराव का कारण बन गया।
एम्स एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण समिति से जुड़े नर्सिंग अधिकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए 11 अक्तूबर प्रदर्शन शुरू किया था जो बाद में अनशन में बदल गया था। उनका आरोप है कि डीपीसी में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। विरोध कर रहे अधिकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार भी शुरू किया। वहीं, पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों ने डीपीसी निरस्त न किए जाने की मांग के लिए अनशन शुरू कर दिया था। हालांकि, 21 अक्तूबर देर को एम्स प्रशासन के आश्वासन पर इस गुट ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी जबकि आरक्षित वर्ग के नर्सिंग अधिकारियों का आंदोलन जारी रहा। सोमवार सुबह पदोन्नति पाने वाले नर्सिंग अधिकारियों ने भी अचानक कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पदोन्नति के 15 दिन बाद भी उन्हें नए पदों पर तैनाती नहीं दी गई है। इससे नाराज नर्सिंग अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया। दोनों गुटों के कार्य बहिष्कार के चलते नर्सिंग सेवाओं पर बुरा असर पड़ा और एम्स में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं।
विज्ञापन
- दोनों पक्षों के साथ वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि सभी नर्सिंग अधिकारी काम पर वापस लौट जाएंगे। डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ,एम्स।
विज्ञापन
- पदोन्नत अधिकारियों को तैनाती न मिलने से दूसरा गुट भी कार्य बहिष्कार पर उतरा
ऋषिकेश। एम्स में नर्सिंग अधिकारियों की पदोन्नति पर विवाद गहराता जा रहा है। पदोन्नति प्रक्रिया के विरोध और पदोन्नत अधिकारियों को तैनाती नहीं मिलने के मुद्दे पर नर्सिंग अधिकारी दो गुटों में बंट गए हैं। मंगलवार को दोनों गुटों के कार्यबहिष्कार करने से संस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। विवाद के चलते मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एम्स प्रशासन ने बीते 10 अक्तूबर को पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराई थी। इसके बाद 53 वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को सहायक नर्सिंग अधीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई। हालांकि, इस प्रक्रिया के संबंध में एम्स विरोध शुरू हो गया और मामला दो गुटों के बीच टकराव का कारण बन गया।
विज्ञापन
एम्स एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण समिति से जुड़े नर्सिंग अधिकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए 11 अक्तूबर प्रदर्शन शुरू किया था जो बाद में अनशन में बदल गया था। उनका आरोप है कि डीपीसी में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। विरोध कर रहे अधिकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार भी शुरू किया। वहीं, पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों ने डीपीसी निरस्त न किए जाने की मांग के लिए अनशन शुरू कर दिया था। हालांकि, 21 अक्तूबर देर को एम्स प्रशासन के आश्वासन पर इस गुट ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी जबकि आरक्षित वर्ग के नर्सिंग अधिकारियों का आंदोलन जारी रहा। सोमवार सुबह पदोन्नति पाने वाले नर्सिंग अधिकारियों ने भी अचानक कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पदोन्नति के 15 दिन बाद भी उन्हें नए पदों पर तैनाती नहीं दी गई है। इससे नाराज नर्सिंग अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया। दोनों गुटों के कार्य बहिष्कार के चलते नर्सिंग सेवाओं पर बुरा असर पड़ा और एम्स में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं।
विज्ञापन
- दोनों पक्षों के साथ वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि सभी नर्सिंग अधिकारी काम पर वापस लौट जाएंगे। डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ,एम्स।