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Rishikesh News: पंखे से टपका दुर्गंधयुक्त तरल, तब खुला चार दिन से बंद कमरे का राज
Sun, 11 Oct 2026 02:07 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:07 AM IST
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ऋषिकेश। ऊपर के कमरे में चार दिनों तक शव सड़ता रहा और निचले तल पर रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि कमरे में रह रहे व्यक्ति की मौत का खुलासा तब हुआ, जब छत पर लगे पंखे से दुर्गंधयुक्त तरल पदार्थ टपकने लगा। इसके बाद पुलिस की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर पंखे के हुक से लटका सड़ा-गला शव मिला। घटना ने अपने आसपास रहने वाले लोगों के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता और सामाजिक संवाद की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला आईडीपीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर सी-772 का है। शुक्रवार 9 अक्तूबर दोपहर करीब 2:30 बजे किसी ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी छत पर लगे पंखे से कुछ लसलसा पदार्थ टपक रहा है, जो शायद ऊपर वाले कमरे से रिस रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि ऊपर के कमरे में रहने वाला व्यक्ति मधुकर श्रीवास्तव कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इस दौरान एक महिला ने मधुकर के श्यामपुर में रहने वाले रिश्तेदारों के बारे में बताया। उनसे संपर्क करने के बाद रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर मधुकर श्रीवास्तव (43) पुत्र स्व. शंभूनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, मूल निवासी ग्राम डुमरा, पोस्ट किशनपुरा, थाना जामो बाजार, जिला सिवान, बिहार सफेद रंग के साफे से पंखे के हुक पर लटका मिला। शव काफी हद तक सड़ चुका था। प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का लग रहा है। मामले में जांच की जा रही है।
आसपास रहने वालों की संवेदनशीलता पर सवाल
इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एक व्यक्ति कई दिनों तक अपने कमरे में दिखाई नहीं दिया, लेकिन उसकी गैरमौजूदगी पर किसी ने समय रहते गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। यदि पंखे से दुर्गंधयुक्त तरल पदार्थ नहीं टपकता और बदबू असहनीय नहीं होती, तो शायद कमरे के भीतर हुई घटना का पता चलने में और देर हो सकती थी। बुजुर्ग महेशानंद का कहना है कि शहरों में एक ही इमारत या परिसर में रहने वाले लोगों के बीच संवाद लगातार कम होता जा रहा है। पड़ोस में कौन रहता है, कौन कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहा और किसे मदद की जरूरत हो सकती है। इन बातों से लोग अनजान बने रहते हैं।
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मामला आईडीपीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर सी-772 का है। शुक्रवार 9 अक्तूबर दोपहर करीब 2:30 बजे किसी ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी छत पर लगे पंखे से कुछ लसलसा पदार्थ टपक रहा है, जो शायद ऊपर वाले कमरे से रिस रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि ऊपर के कमरे में रहने वाला व्यक्ति मधुकर श्रीवास्तव कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इस दौरान एक महिला ने मधुकर के श्यामपुर में रहने वाले रिश्तेदारों के बारे में बताया। उनसे संपर्क करने के बाद रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर मधुकर श्रीवास्तव (43) पुत्र स्व. शंभूनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, मूल निवासी ग्राम डुमरा, पोस्ट किशनपुरा, थाना जामो बाजार, जिला सिवान, बिहार सफेद रंग के साफे से पंखे के हुक पर लटका मिला। शव काफी हद तक सड़ चुका था। प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का लग रहा है। मामले में जांच की जा रही है।
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आसपास रहने वालों की संवेदनशीलता पर सवाल
इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एक व्यक्ति कई दिनों तक अपने कमरे में दिखाई नहीं दिया, लेकिन उसकी गैरमौजूदगी पर किसी ने समय रहते गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। यदि पंखे से दुर्गंधयुक्त तरल पदार्थ नहीं टपकता और बदबू असहनीय नहीं होती, तो शायद कमरे के भीतर हुई घटना का पता चलने में और देर हो सकती थी। बुजुर्ग महेशानंद का कहना है कि शहरों में एक ही इमारत या परिसर में रहने वाले लोगों के बीच संवाद लगातार कम होता जा रहा है। पड़ोस में कौन रहता है, कौन कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहा और किसे मदद की जरूरत हो सकती है। इन बातों से लोग अनजान बने रहते हैं।
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