Amar Ujala Foundation: संवाद में बोले वक्ता...पेड़ की तरह होते हैं बुजुर्ग, धूप में तपकर बच्चों को देते छांव
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बुजुर्गों का महत्व, भूमिका और सुरक्षा विषय चर्चा की गई।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चौदह बीघा में सेवानिवृत राजकीय पेंशनर्स संगठन ढालवाला मुनि की रेती के सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह संवाद कार्यक्रम परिवार में बुजुर्गों का महत्व, भूमिका और सुरक्षा विषय पर आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में संगठन के सचिव भगवती प्रसाद उनियाल ने कहा कि परिवार में बुजुर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बुजुर्ग व्यक्ति एक पेड़ की तरह होता है जो खुद धूप में तपकर भी अपने परिवार को बचाता है। कार्यक्रम में सेवानिवृत कर्मचारियों ने अपने विचार रखे।
पेंशनरों की जुबानी
कई बुजुर्ग घर में पत्नी के साथ रहते हैं। उनके बच्चे दूसरे राज्यों या फिर विदेश में रहते हैं। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए भले ही पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, लेकिन इस नंबर का लाभ बुजुर्गों को नहीं मिलता है। - शूरवीर सिंह पंवार, अध्यक्ष सेवानिवृत राजकीय पेंशनर्स संगठन
बुजुर्ग घर के बाहर सुरिक्षत नहीं हैं। चौदहबीघा की गलियों में वाहनों का दबाव रहता है। जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पुलिस को गलियों की अंदर तेज गति से चलने वाले वाहनों पर रोक लगानी चाहिए। - जब्बर सिंह पंवार, कोषाध्यक्ष, सेवानिवृत राजकीय पेंशनर्स संगठन
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आज के युवाओं में ज्यादा पैसा कमाने की होड़ है। युवा विदेश में जाकर बस रहे हैं। युवा उत्तराखंड में स्वरोजगार से अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकते हैं। बच्चों के विदेश में बसने से यहां उनके माता पिता अकेले पड़ जाते हैं। - खुशहाल सिंह राणा
लोग पलायन कर मैदानी क्षेत्रों में बस रहे हैं। पहाड़ में पूरी जिंदगी नौकरी करने वाले बुजुर्ग भी परिवार के साथ मैदानी क्षेत्रों में बस गए हैं। बुजुर्ग वहां खुद को असहज महसूस करते हैं। अपने गांव की याद सताती है। -पूर्ण सिंह