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Rishikesh News: जगह के अभाव में नहीं बढ़ पा रही बिजलीघर की क्षमता
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Iऊर्जा निगम ने जगह के नगर निगम को भेजा था प्रस्ताव, लेकिन नहीं मिला कोई जवाब
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Iगर्मियों में बाजार क्षेत्र में लोड बढ़ने पर बिजली आपूर्ति होती है बाधितI
जगह नहीं मिलने से नगर निगम के बिजलीघर की क्षमता नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में गर्मियों में बाजार में बिजली की खपत बढ़ने पर ऊर्जा निगम को वीरभद्र और पशुलोक बैराज बिजलीघर से अतिरिक्त आपूर्ति करनी पड़ती है। यदि जगह मिल जाती तो बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 24.50 एमवीए हो सकती है।
वर्तमान मेंं नगर निगम स्थित बिजलीघर की क्षमता 12 एमवीए है। गर्मियों के समय बिजली की ज्यादा खपत होने पर कई बार शटडाउन जैसी स्थिति आ जाती है। बिजलीघर पर लोड कम करने के लिए कई बार बिजली कटौती करनी पड़ती है। यदि जगह मिल जाती तो ऊर्जा निगम 12.50 एमवीए का एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर सकता है। बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 24.50 एमवीए हो जाती।
ऊर्जा निगम पूर्व में नगर निगम प्रशासन को बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख चुका है। ऊर्जा निगम के अधिकारी की मानें तो इंद्रमणि बडोनी हॉल को निगम को देने की मांग की जा चुकी है। लेकिन निगम कोई फैसला नहीं ले पाया है। यदि यह हॉल ऊर्जा निगम को मिल जाता तो भूतल पर बिजलीघर बनाकर ऊपर वाली मंजिल पर ऑफिस बनाया जा सकता है।
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Iनगर निगम स्थित बिजलीघर की क्षमता बढ़ाई जानी है। बिजलीघर के निर्माण के लिए पूर्व में नगर निगम प्रशासन को जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। गर्मियों में बिजली की खपत बढ़ने की दशा में पशुलोक बैराज बिजलीघर और वीरभद्र से अतिरिक्त आपूर्ति करनी पड़ती है। - शक्ति प्रसाद, ईई ऊर्जा निगम ऋषिकेशI
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Iगर्मियों में बाजार क्षेत्र में लोड बढ़ने पर बिजली आपूर्ति होती है बाधितI
जगह नहीं मिलने से नगर निगम के बिजलीघर की क्षमता नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में गर्मियों में बाजार में बिजली की खपत बढ़ने पर ऊर्जा निगम को वीरभद्र और पशुलोक बैराज बिजलीघर से अतिरिक्त आपूर्ति करनी पड़ती है। यदि जगह मिल जाती तो बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 24.50 एमवीए हो सकती है।
वर्तमान मेंं नगर निगम स्थित बिजलीघर की क्षमता 12 एमवीए है। गर्मियों के समय बिजली की ज्यादा खपत होने पर कई बार शटडाउन जैसी स्थिति आ जाती है। बिजलीघर पर लोड कम करने के लिए कई बार बिजली कटौती करनी पड़ती है। यदि जगह मिल जाती तो ऊर्जा निगम 12.50 एमवीए का एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर सकता है। बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 24.50 एमवीए हो जाती।
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ऊर्जा निगम पूर्व में नगर निगम प्रशासन को बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख चुका है। ऊर्जा निगम के अधिकारी की मानें तो इंद्रमणि बडोनी हॉल को निगम को देने की मांग की जा चुकी है। लेकिन निगम कोई फैसला नहीं ले पाया है। यदि यह हॉल ऊर्जा निगम को मिल जाता तो भूतल पर बिजलीघर बनाकर ऊपर वाली मंजिल पर ऑफिस बनाया जा सकता है।
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Iनगर निगम स्थित बिजलीघर की क्षमता बढ़ाई जानी है। बिजलीघर के निर्माण के लिए पूर्व में नगर निगम प्रशासन को जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। गर्मियों में बिजली की खपत बढ़ने की दशा में पशुलोक बैराज बिजलीघर और वीरभद्र से अतिरिक्त आपूर्ति करनी पड़ती है। - शक्ति प्रसाद, ईई ऊर्जा निगम ऋषिकेशI