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एम्स के विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग
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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर संस्थान के विस्तारीकरण के लिए लंबित 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। एम्स निदेशक ने मुख्यमंत्री को कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर संस्थान में चल रही तैयारियों की जानकारी भी दी।
शुक्रवार को भेंट के दौरान एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया कि एम्स में बच्चों के लिए 100 बेड का कोविड एनआईसीयू और वयस्कों के लिए 200 बेड का वेंटिलेटर युक्त कोविड आईसीयू तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह अस्थायी कोविड केयर सेंटर में भी बच्चों और व्यस्कों के इलाज के लिए व्यवस्था की गई है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि तीसरी लहर की स्थिति में अस्थायी अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स, तकनीकि स्टाफ आदि मैनपावर का उपयोग संस्थान में किया जाएगा। एम्स निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया एम्स संस्थान का आधा कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन अब संस्थान के विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ भूमि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भूमि उपलब्ध कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी भूमि उपलब्ध कराने को कोई ठोस कदम नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान का विस्तारीकरण कार्य लंबित होने से मरीजों के इलाज में तकनीकी समस्या आ रही है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स परियोजना के विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का जल्द से जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
तीसरी लहर से निपटन के लिए वैक्सीनेशन जरूरी
-एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए टीकाकरण पर अधिक जोर देने की जरूरत है। इसके साथ टीका लगाने वालों को एहतियात के लिए अगले दो महीने तक मास्क भी पहनना होगा। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से बचाव के लिए कोविड नियमों का अनुपालन कर कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को टाला जा सकता है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स में तीसरी लहर से निपटने के उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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शुक्रवार को भेंट के दौरान एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया कि एम्स में बच्चों के लिए 100 बेड का कोविड एनआईसीयू और वयस्कों के लिए 200 बेड का वेंटिलेटर युक्त कोविड आईसीयू तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह अस्थायी कोविड केयर सेंटर में भी बच्चों और व्यस्कों के इलाज के लिए व्यवस्था की गई है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि तीसरी लहर की स्थिति में अस्थायी अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स, तकनीकि स्टाफ आदि मैनपावर का उपयोग संस्थान में किया जाएगा। एम्स निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया एम्स संस्थान का आधा कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन अब संस्थान के विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ भूमि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भूमि उपलब्ध कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी भूमि उपलब्ध कराने को कोई ठोस कदम नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान का विस्तारीकरण कार्य लंबित होने से मरीजों के इलाज में तकनीकी समस्या आ रही है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स परियोजना के विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का जल्द से जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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तीसरी लहर से निपटन के लिए वैक्सीनेशन जरूरी
-एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए टीकाकरण पर अधिक जोर देने की जरूरत है। इसके साथ टीका लगाने वालों को एहतियात के लिए अगले दो महीने तक मास्क भी पहनना होगा। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से बचाव के लिए कोविड नियमों का अनुपालन कर कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को टाला जा सकता है। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स में तीसरी लहर से निपटने के उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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