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बच्चा छुपाने के आरोप में एक गिरफ्तार
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
सरोगेसी के मामले में एक बच्चा छुपाकर धोखाधड़ी करने के मामले का दून पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने चार वर्ष बाद छुपाया गया बच्चा बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा सोमवार को एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सीओ वीरेंद्र सिंह रावत, कोतवाल रीतेश साह की मौजूदगी में किया गया।
पुलिस के अनुसार एक दंपति ने जुलाई 2014 में एक सरोगेट मदर से संपर्क किया था। दंपति ने सरोगेसी से संतान की प्राप्ति के लिए सरोगेट मदर को तीन लाख रुपये अदा किए थे। उसका पूरा इलाज मेरठ के एक निजी अस्पताल में कराया गया। दंपति ने सरोगेट मदर से शपथपत्र भी लिखवाया था कि जो भी संतान होगी वह उन्हें मिलेगी। भ्रूण प्रत्यारोपित होने के करीब तीन माह बाद गर्भ में दो बच्चे होने की जानकारी मिली। मेरठ के ही एक निजी अस्पताल में महिला (सरोगेट मदर) ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया, लेकिन सरोगेट मां ने एक बच्चे को जीवित तथा दूसरे को मृत बता दिया और जीवित बच्चा दंपति को दे दिया गया। बाद में दंपति को जानकारी मिली कि उनका दूसरा बच्चा भी जीवित है, जिसे सरोगेट मदर ने छिपा लिया है। इस पर दंपति ने दूसरा बच्चा पाने के लिए सरोगेट मदर से संपर्क किया और अतिरिक्त धनराशि देने की भी बात कही, लेकिन सरोगेट मदर ने दूसरे बच्चे की जानकारी नहीं दी।
इसके बाद वर्ष 2018 में दंपति ने आरोपी महिला (सरोगेट मदर) के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया। विवेचना में पुलिस के सामने आया कि सरोगेट मदर ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था और दोनों ही जीवित हैं, लेकिन एक बच्चा छिपाकर सरोगेट मदर ने अपने रिश्तेदार को दे दिया। इसके बाद आरोपी सरोगेट मदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस टीम बच्चे और आरोपी रिश्तेदार की तलाश कर रही थी। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि रविवार रात आरोपी रिश्तेदार को बच्चे के साथ मेरठ से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। बच्चे को फिलहाल दंपति के सुपुर्द किया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद बच्चे की स्थाई तौर पर सुपुर्दगी की जाएगी।
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सरोगेसी के मामले में एक बच्चा छुपाकर धोखाधड़ी करने के मामले का दून पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने चार वर्ष बाद छुपाया गया बच्चा बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा सोमवार को एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सीओ वीरेंद्र सिंह रावत, कोतवाल रीतेश साह की मौजूदगी में किया गया।
पुलिस के अनुसार एक दंपति ने जुलाई 2014 में एक सरोगेट मदर से संपर्क किया था। दंपति ने सरोगेसी से संतान की प्राप्ति के लिए सरोगेट मदर को तीन लाख रुपये अदा किए थे। उसका पूरा इलाज मेरठ के एक निजी अस्पताल में कराया गया। दंपति ने सरोगेट मदर से शपथपत्र भी लिखवाया था कि जो भी संतान होगी वह उन्हें मिलेगी। भ्रूण प्रत्यारोपित होने के करीब तीन माह बाद गर्भ में दो बच्चे होने की जानकारी मिली। मेरठ के ही एक निजी अस्पताल में महिला (सरोगेट मदर) ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया, लेकिन सरोगेट मां ने एक बच्चे को जीवित तथा दूसरे को मृत बता दिया और जीवित बच्चा दंपति को दे दिया गया। बाद में दंपति को जानकारी मिली कि उनका दूसरा बच्चा भी जीवित है, जिसे सरोगेट मदर ने छिपा लिया है। इस पर दंपति ने दूसरा बच्चा पाने के लिए सरोगेट मदर से संपर्क किया और अतिरिक्त धनराशि देने की भी बात कही, लेकिन सरोगेट मदर ने दूसरे बच्चे की जानकारी नहीं दी।
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इसके बाद वर्ष 2018 में दंपति ने आरोपी महिला (सरोगेट मदर) के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया। विवेचना में पुलिस के सामने आया कि सरोगेट मदर ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था और दोनों ही जीवित हैं, लेकिन एक बच्चा छिपाकर सरोगेट मदर ने अपने रिश्तेदार को दे दिया। इसके बाद आरोपी सरोगेट मदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस टीम बच्चे और आरोपी रिश्तेदार की तलाश कर रही थी। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि रविवार रात आरोपी रिश्तेदार को बच्चे के साथ मेरठ से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। बच्चे को फिलहाल दंपति के सुपुर्द किया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद बच्चे की स्थाई तौर पर सुपुर्दगी की जाएगी।
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