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Rishikesh: दिल के मरीजों के लिए एसआरएचयू की प्रोफेसर ने बनाया स्वदेशी स्टंट, मिला पेटेंट, जानें खासियत

Wed, 13 Dec 2023 04:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 13 Dec 2023 04:28 PM IST
सार

एसआरएचयू के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि डॉ. पुरांधी रूपमणि की इस सफलता को डेवलेपमेंट ऑफ ड्यूल ड्रग इल्यूटिंग स्टंट ऑफ द ट्रीटमेंट ऑफ कोरोनरी आर्टरी डिजीज नाम से पेटेंट किया गया है।

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Rishikesh News Assistant Professor Dr. Purandhi Roopmani has succeeded
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) में बायो साइंस की सहायक प्रोफेसर डॉ. पुरांधी रूपमणि ने नई तकनीक से सस्ता स्टंट बनाने में सफलता हासिल की है। उनके स्टंट को भारत सरकार से पेटेंट मिल भी गया है। हृदय रोगियों के उपचार में एंजियोप्लास्टी के दौरान इस स्टंट को डाला जा सकेगा।

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एसआरएचयू के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि डॉ. पुरांधी रूपमणि की इस सफलता को डेवलेपमेंट ऑफ ड्यूल ड्रग इल्यूटिंग स्टंट ऑफ द ट्रीटमेंट ऑफ कोरोनरी आर्टरी डिजीज नाम से पेटेंट किया गया है। डाॅ. धस्माना ने बताया कहा कि विदेशी कंपनियां ड्रग इल्यूटिंग स्टंट बना रही हैं। जिनकी कीमत करीब एक से दो लाख रुपये के बीच होती है। डॉ. पुरांधी का नया स्टंट विदेशी कंपनियों की तुलना में आधी कीमत पर उपलब्ध होगा।
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डॉ. पुरांधी ने बताया कि एंजियोप्लास्टी के बाद भी आमतौर पर रोगियों को एटोरवास्टेटिन और फेनोफिब्रेट दवाइयां जीवन भर लेनी पड़ती हैं। लेकिन उन्होंने जिस स्टंट को बनाया है उसमें मरीज को एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयां का सेवन लगभग न के बराबर हो जाएगा। अभी तक जो स्टंट उपलब्ध हैं, उनकी मोटाई चार माइक्रोन है। जबकि उन्होंने जो स्टंट बनाया गया है उसका साइज एक माइक्रोन है। डॉ. पुरांधी ने इस प्रोजेक्ट को मेक इन इंडिया को बनाया मूलमंत्र बताया।

चूहों पर 90 प्रतिशत सफल रहा स्टंट
डॉ. पुरांधी के बनाए गए स्टंट का अभी ह्यूमन ट्रायल होना बाकी है। चूहों पर हुए 28 दिनों के परीक्षण में स्टंट का परिणाम 90 फीसदी से ज्यादा सफल रहा है। अब वह स्टंट की बड़े जानवर जैसे सुअर, खरगोश पर प्री-क्लिनिकल ट्रायल रिसर्च करेंगी। जिसके सफल होने के बाद मरीजों में यह स्टेंट लगाया जाएगा।

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