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Rishikesh News: परमार्थ निकेतन पहुंची अभिनेत्री शृष्टि रोडे
Sun, 04 Jan 2026 02:36 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 04 Jan 2026 02:36 AM IST
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परमार्थ निकेतन में गंगा आरती करतीं अभिनेत्री श्रेष्ठी रोड़ी। स्रोत परमार्थ मीडिया।
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परमार्थ निकेतन में टेलीविजन अभिनेत्री शृष्टि रोडे पहुंची। आश्रम में उन्होंने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उसके बाद उन्होंने गंगा घाट पर आयोजित सांध्यकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया। स्वामी ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
शृष्टि ने कहा कि योगनगरी की दिव्यता, गंगा की निर्मल धारा ने भीतर तक स्पर्श किया है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और चेतना हैं। आज जब युवा पीढ़ी दिशाहीनता, तनाव और मूल्य संकट से गुजर रही है, तब ऐसे आध्यात्मिक अनुभव उन्हें संतुलन, शांति और सही दिशा प्रदान करते हैं।
कहा टीवी केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के जागरण एवं मार्गदर्शन का प्रभावी माध्यम है। यदि कलाकार अपने जीवन और कर्म के माध्यम से सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संस्कारों को आत्मसात करें, तो उनका प्रभाव अनेकों दर्शकों के जीवन में प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
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साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए आंतरिक शांति और आत्म चेतना अत्यंत आवश्यक है। ग्लैमर और सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी यदि मन अशांत है, तो वह सफलता अधूरी है। जब लोकप्रिय चेहरे अध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण और सेवा के संदेश से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव समाज में दूरगामी होता है।
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शृष्टि ने कहा कि योगनगरी की दिव्यता, गंगा की निर्मल धारा ने भीतर तक स्पर्श किया है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और चेतना हैं। आज जब युवा पीढ़ी दिशाहीनता, तनाव और मूल्य संकट से गुजर रही है, तब ऐसे आध्यात्मिक अनुभव उन्हें संतुलन, शांति और सही दिशा प्रदान करते हैं।
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कहा टीवी केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के जागरण एवं मार्गदर्शन का प्रभावी माध्यम है। यदि कलाकार अपने जीवन और कर्म के माध्यम से सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संस्कारों को आत्मसात करें, तो उनका प्रभाव अनेकों दर्शकों के जीवन में प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
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साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए आंतरिक शांति और आत्म चेतना अत्यंत आवश्यक है। ग्लैमर और सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी यदि मन अशांत है, तो वह सफलता अधूरी है। जब लोकप्रिय चेहरे अध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण और सेवा के संदेश से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव समाज में दूरगामी होता है।