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पर्यटकों की सुविधाओं की तरफ नहीं दे रही जीएनआर समिति
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
राफ्टिंग रोटेशन समिति ने डीएम टिहरी की अध्यक्षता में गठित गंगा नदी राफ्ट (जीएनआर) समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि जीएनआर समिति के कोष में अब तक एक करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, इसके बावजूद उक्त राशि को पर्यटकों की सुविधाओं पर खर्च नहीं किया जा रहा है। रोटेशन समिति ने कई बार पत्र व्यवहार कर रेस्क्यू राफ्ट और एंबुलेंस की सुविधा मांगी लेकिन अनसुनी कर दी गई।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो रोटेशन समिति जीएनआर कोष में पैसा जमा करना बंद करेगी। अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति दुनिया की सबसे बड़ी रोटेशन समिति बन गई है। इसके अंतर्गत 230 राफ्ट कंपनियां काम कर रही हैं। 21 दिसंबर 2018 में लोकतांत्रित ढंग से समिति की कार्यकारिणी का गठन हुआ। इसके अंतर्गत 480 राफ्ट संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि राफ्टिंग कंपनियों को विश्वास में लेकर निर्धारित दरों व दूरी के अनुसार राफ्टें चलाई जा रही हैं। समिति की ओर से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तीन रेसक्यू राफ्ट व एक एंबुलेंस की मांग जिलाधिकारी से की गई है। इस दौरान निर्णय लिया गया कि यदि जीएनआर ने राफ्टिंग क्षेत्र में पर्यटकों को सुविधा मुहैया नहीं कराई तो समिति बीस रुपये टैक्स जमा न करने का निर्णय लेगी।
कुशल संचालन के लिए कई उप समितियां गठित
रोटेशन समिति ने कुशल राफ्ट संचालन के लिए अनुशासन, प्रवक्ता व तकनीकी उप समिति का गठन किया है। अनुशासन समिति में विक्रम कोटियाल, दिनेश कंसवाल, प्रदीप कोहली, अनुराग पयाल, ऋषि राणा, कमल शर्मा, विनोद पांडे, विरेंद्र गुसांई शामिल हैं। तकनीकी समिति में देवेंद्र रावत, धर्मेंद्र नेगी, दिलवर भंडारी, महावीर नेगी, प्रवक्ता समिति में दिनेश कठैत और दिनेश भट्ट को शामिल किया गया है।
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राफ्टिंग रोटेशन समिति ने डीएम टिहरी की अध्यक्षता में गठित गंगा नदी राफ्ट (जीएनआर) समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि जीएनआर समिति के कोष में अब तक एक करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, इसके बावजूद उक्त राशि को पर्यटकों की सुविधाओं पर खर्च नहीं किया जा रहा है। रोटेशन समिति ने कई बार पत्र व्यवहार कर रेस्क्यू राफ्ट और एंबुलेंस की सुविधा मांगी लेकिन अनसुनी कर दी गई।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो रोटेशन समिति जीएनआर कोष में पैसा जमा करना बंद करेगी। अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति दुनिया की सबसे बड़ी रोटेशन समिति बन गई है। इसके अंतर्गत 230 राफ्ट कंपनियां काम कर रही हैं। 21 दिसंबर 2018 में लोकतांत्रित ढंग से समिति की कार्यकारिणी का गठन हुआ। इसके अंतर्गत 480 राफ्ट संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि राफ्टिंग कंपनियों को विश्वास में लेकर निर्धारित दरों व दूरी के अनुसार राफ्टें चलाई जा रही हैं। समिति की ओर से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तीन रेसक्यू राफ्ट व एक एंबुलेंस की मांग जिलाधिकारी से की गई है। इस दौरान निर्णय लिया गया कि यदि जीएनआर ने राफ्टिंग क्षेत्र में पर्यटकों को सुविधा मुहैया नहीं कराई तो समिति बीस रुपये टैक्स जमा न करने का निर्णय लेगी।
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कुशल संचालन के लिए कई उप समितियां गठित
रोटेशन समिति ने कुशल राफ्ट संचालन के लिए अनुशासन, प्रवक्ता व तकनीकी उप समिति का गठन किया है। अनुशासन समिति में विक्रम कोटियाल, दिनेश कंसवाल, प्रदीप कोहली, अनुराग पयाल, ऋषि राणा, कमल शर्मा, विनोद पांडे, विरेंद्र गुसांई शामिल हैं। तकनीकी समिति में देवेंद्र रावत, धर्मेंद्र नेगी, दिलवर भंडारी, महावीर नेगी, प्रवक्ता समिति में दिनेश कठैत और दिनेश भट्ट को शामिल किया गया है।
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