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तपोवन में पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तपोवन क्षेत्र में अव्यवस्थाओें का माहौल हावी है। यहां पथ प्रकाश और सफाई की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। समस्याओं के निवारण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि जिम्मेदार विभाग से कई बार गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी है। बालकनाथ मंदिर से उपला तपोवन मार्ग, तल्ला तपोवन मार्ग और इंटर कॉलेज मार्ग पर रात्रि में अंधेरा पसरा रहता है। इन मार्गों पर रात्रि के समय स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों की आवाजाही भी बनी रहती है। जबकि यहां स्थित होटलों से जिला पंचायत टैक्स भी वसूल रहा है।
क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। सच्चा धाम स्कूल के बगल में बड़ी मात्रा में रास्ते के किनारे कूड़ा इकट्ठा किया जाता है और उसे जलाया जाता है। इस धुएं से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां से गुजरने वाले लोग नाक बंद कर चलने को मजबूर रहते हैं। लक्ष्मणचौक की सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। तपोवन ग्राम सभा के प्रधान सुरेश उनियाल ने बताया कि क्षेत्र में पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था को सही करने के लिए वह कई बार जिला पंचायत प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
प्रतिबंध के बावजूद जला रहे कूड़ा
लक्ष्मणझूला में प्रतिबंध के बावजूद के खुले मेें कूड़ा जलाया जाता है। यहां पर रास्तों में सफाई का काम जिला पंचायत विभाग के द्वारा किया जाता है। जिनके द्वारा सच्चा धाम के गेट के बगल में कूड़ा इकट्ठा किया जाता है और उसे जला दिया जाता है। जिससे कई प्रकार की जहरीली गैसें निकलकर वातावरण को प्रदूषित करती हैं। कूड़ा जलाने पर एनजीटी ने भी रोक लगाई है। एनजीटी के नियमों के अनुसार कूड़ा जलाते हुए पाए जाने पर पांच हजार से लेकर पच्चीस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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कोट्स
गांवों में स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था करना जिला पंचायत का काम नहीं है। (कूड़ा जलाने के लिए पूछने पर) अभी मीटिंग में व्यस्त हूं।
- डीएस चौहान, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। सच्चा धाम स्कूल के बगल में बड़ी मात्रा में रास्ते के किनारे कूड़ा इकट्ठा किया जाता है और उसे जलाया जाता है। इस धुएं से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां से गुजरने वाले लोग नाक बंद कर चलने को मजबूर रहते हैं। लक्ष्मणचौक की सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। तपोवन ग्राम सभा के प्रधान सुरेश उनियाल ने बताया कि क्षेत्र में पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था को सही करने के लिए वह कई बार जिला पंचायत प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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प्रतिबंध के बावजूद जला रहे कूड़ा
लक्ष्मणझूला में प्रतिबंध के बावजूद के खुले मेें कूड़ा जलाया जाता है। यहां पर रास्तों में सफाई का काम जिला पंचायत विभाग के द्वारा किया जाता है। जिनके द्वारा सच्चा धाम के गेट के बगल में कूड़ा इकट्ठा किया जाता है और उसे जला दिया जाता है। जिससे कई प्रकार की जहरीली गैसें निकलकर वातावरण को प्रदूषित करती हैं। कूड़ा जलाने पर एनजीटी ने भी रोक लगाई है। एनजीटी के नियमों के अनुसार कूड़ा जलाते हुए पाए जाने पर पांच हजार से लेकर पच्चीस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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कोट्स
गांवों में स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था करना जिला पंचायत का काम नहीं है। (कूड़ा जलाने के लिए पूछने पर) अभी मीटिंग में व्यस्त हूं।
- डीएस चौहान, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत