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बैठक का बहिष्कार कर जिपं सदस्य ने धरना दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 29 Apr 2017 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला पंचायत के गेट पर धरना देती सदस्य लक्ष्मी भट्ट तथा अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट ने शनिवार को जिला पंचायत की बैठक का बहिष्कार किया और वह जिला पंचायत के गेट पर धरने पर बैठ गई। उनके साथ कई प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी धरना दिया। लक्ष्मी भट्ट का आरोप है कि वह जुलाई 2014 से लगातार अपने क्षेत्र की समस्याओं को जिला पंचायत की बैठक में उठा रही हैं, लेकिन हर बार सदन ने उनको गुमराह किया। हालांकि बाद में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जेपी आर्य से हुई वार्ता के बाद उन्होंने धरना स्थगित कर दिया।
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श्रीमती भट्ट का कहना है कि वह गुरना-बेड़ा रोड से क्षतिग्रस्त सिमली नहर की मरम्मत, सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त मसपाटी पेयजल योजना की मरम्मत, गुरना-तोली मोटर मार्ग पर डामरीकरण, कांटे-सेरीकांडा सड़क निर्माण से क्षतिग्रस्त खेतों का मुआवजा देने, तप्पड़ से गोगना तक सड़क का निर्माण करने, निसनी हाइस्कूल का उच्चीकरण, पलकोट जूनियर हाइस्कूल का उच्चीकरण समेत कई मांगें लगातार जिला पंचायत की बैठकों में उठा रही हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। जब जिले की सर्वोच्च सदन ही सदस्यों को गुमराह करने लग जाए तो फिर क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बैठक का बहिष्कार करने और धरना देने की सूचना वह पहले ही जिला पंचायत को दे चुकी थी। उनके साथ धरने पर कई पंचायत प्रतिनिधि भी बैठे।
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जिला पंचायत की दुकानों का किराया बढ़ेगा
जिला पंचायत की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अपने स्वामित्व वाली किराए की दुकानों का किराया 50 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि राज्य वित्त आयोग से मिली धनराशि से सभी सदस्य अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव देंगे। यह भी कहा गया कि अब जिला पंचायत अपनी आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण अंचलों में लगने वाले होर्डिंग, टीवी और टेलीफोन टावरों का किराया लेगी। संविदा कर्मचारियों के कार्यबोझ को देखते हुए उनका मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया गया। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ जिला पंचायत कर्मियों को भी देने का प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सदस्यों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं पेयजल, बिजली, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने, स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने, सड़कों पर डामर करने जैसी मांगें उठाई। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी जेपी आर्य ने किया।
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