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Pithoragarh News: महिलाओं का छलका दर्द, कहा- खर्चा देना तो दूर पति ने बात करना भी बंद कर दिया
Mon, 09 Mar 2026 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 09 Mar 2026 10:54 PM IST
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पिथौरागढ़। राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित महिला जनसुनवाई में 18 शिकायत दर्ज हुई। इनमें से अधिकतर घरेलू हिंसा और भरण पोषण से संबंधित थीं। कई महिलाओं ने रोते हुए आयोग की सदस्यों के सामने आपबीती बताई। एक ने कहा कि विदेश में नौकरी कर रहे पति ने पैसा भेजना तो दूर काफी समय से बात करना भी बंद कर दिया है। ऐसे में बच्चों का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोग की ओर से सोमवार को विकास भवन सभागार में जन सुनवाई हुई। अधिकतर महिलाओं ने नौकरी कर रहे पति की ओर से खर्चा न देने या सिर्फ अपने मां-बाप को पैसा देने का दर्द बयां किया। एक महिला ने कहा कि इन हालात में बच्चों को पालना भी मुश्किल हो गया है।
अपनी छोटी बेटी के साथ पहुंची महिला ने बताया कि पुलिस और कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद जब पति आया तो यहां उसने उसे विश्वास में लेते हुए भरण पोषण का केस वापस करवा लिया। फिर से हालात खराब हो गए। इस बीच उसकी बड़ी बेटी को ससुराल वाले अपने साथ रखने लगे। पिछले कुछ समय से उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। उसने आयोग सदस्यों से कहा कि वह कुछ भी काम कर अपने बच्चों का भरण पोषण कर लेगी। फिलहाल उसके सामने रहने की समस्या खड़ी है। आयोग की सदस्य रचना जोशी एवं किरण देवी की अध्यक्षता में शिकायतों पर सुनवाई की गई। सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, परिवीक्षा विभाग, पुलिस और अधिवक्ताओं के साथ विचार-विमर्श कर शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोग की ओर से सोमवार को विकास भवन सभागार में जन सुनवाई हुई। अधिकतर महिलाओं ने नौकरी कर रहे पति की ओर से खर्चा न देने या सिर्फ अपने मां-बाप को पैसा देने का दर्द बयां किया। एक महिला ने कहा कि इन हालात में बच्चों को पालना भी मुश्किल हो गया है।
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अपनी छोटी बेटी के साथ पहुंची महिला ने बताया कि पुलिस और कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद जब पति आया तो यहां उसने उसे विश्वास में लेते हुए भरण पोषण का केस वापस करवा लिया। फिर से हालात खराब हो गए। इस बीच उसकी बड़ी बेटी को ससुराल वाले अपने साथ रखने लगे। पिछले कुछ समय से उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। उसने आयोग सदस्यों से कहा कि वह कुछ भी काम कर अपने बच्चों का भरण पोषण कर लेगी। फिलहाल उसके सामने रहने की समस्या खड़ी है। आयोग की सदस्य रचना जोशी एवं किरण देवी की अध्यक्षता में शिकायतों पर सुनवाई की गई। सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, परिवीक्षा विभाग, पुलिस और अधिवक्ताओं के साथ विचार-विमर्श कर शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
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