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Pithoragarh News: जब पलायन से खाली हो गया उदयबुंगा गांव तब पहुंचा पानी
Mon, 17 Feb 2025 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 17 Feb 2025 11:27 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नजदीक 2,550 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदयबुंगा गांव में पानी तब पहुंचा जब यह पलायन से लगभग खाली हो गया। थलकेदार के नजदीक बसे इस गांव में महज दो परिवार बचे हैं। इन दो परिवारों की प्यास बुझाने के लिए 42 लाख रुपये की पेयजल योजना बनाई गई है। जल निगम पिथौरागढ़ के अधिशाशी अभियंता रंजीत धर्मसक्तू ने बताया कि जिले के सबसे ऊंचे गांव में एक किमी लंबी पंपिंग योजना से पानी पहुंचाया गया है। पेयजल योजना के निर्माण का उद्देश्य ग्रामीणों को रिवर्स पलायन कराना है ताकि वीरान हो रहा गांव फिर से आबाद हो सके।
नगर के नजदीक प्रसिद्ध थलकेदार मंदिर के पास स्थित देवदार गांव के तोक उदयबुंगा में दो से तीन दशक पूर्व 25 से अधिक परिवार थे। यहां पलायन की मुख्य वजह पानी, बिजली और रोजगार रहा। अधिक ऊंचाई पर होने से प्यास बुझाने के लिए पानी और घरों को रोशन करने के लिए बिजली की व्यवस्था नहीं हुई तो अधिकतर ग्रामीण पलायन कर गए। सिर्फ दो परिवारों ने अपना ठौर-ठिकाना कायम रखा। आखिरकार, जल निगम ने थलकेदार मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के साथ ही गांव के दो परिवारों को पलायन से रोकने के लिए 42 लाख की पेयजल योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी उठाई।
मोबाइल टॉवर के किराये से चलता है घर
पिथौरागढ़। देवदार गांव के ग्रामीण पानी के साथ बिजली, रोजगार के अभाव में पलायन कर गए। ऊंची जगह होने से गांव के दो परिवारों की जमीन पर कई कंपनियों के मोबाइल टॉवर लगाए गए। इन परिवारों को अपनी जमीन पर लगे मोबाइल टॉवरों का किराया मिलने से घर चलाने में दिक्कत नहीं हुई और रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ा। वहीं शुरुआत में मोबाइल टावरों के संचालन के लिए लगे जनरेटर से बिजली मिली तो इन्हें इस समस्या से निजात मिल गई। हालांकि, बाद में यूपीसीएल ने ग्रिड की बिजली से इस गांव को रोशन कर दिया। जल निगम ने पानी पहुंचाकर इन दो परिवारों की प्यास बुझाई। मूलभूत समस्याओं का समाधान होने से इन दो परिवारों ने गांव को पूरी तरह जनशून्य होने से बचाया है।
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कोट
- योजना का उद्देश्य पलायन कर चुके ग्रामीणों को रिवर्स पलायन की तरफ मोड़ना है। उम्मीद है इसमें सफलता मिलेगी। -रंजीत धर्मसक्तू, ईई, जल निगम, पिथौरागढ़
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नगर के नजदीक प्रसिद्ध थलकेदार मंदिर के पास स्थित देवदार गांव के तोक उदयबुंगा में दो से तीन दशक पूर्व 25 से अधिक परिवार थे। यहां पलायन की मुख्य वजह पानी, बिजली और रोजगार रहा। अधिक ऊंचाई पर होने से प्यास बुझाने के लिए पानी और घरों को रोशन करने के लिए बिजली की व्यवस्था नहीं हुई तो अधिकतर ग्रामीण पलायन कर गए। सिर्फ दो परिवारों ने अपना ठौर-ठिकाना कायम रखा। आखिरकार, जल निगम ने थलकेदार मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के साथ ही गांव के दो परिवारों को पलायन से रोकने के लिए 42 लाख की पेयजल योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी उठाई।
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मोबाइल टॉवर के किराये से चलता है घर
पिथौरागढ़। देवदार गांव के ग्रामीण पानी के साथ बिजली, रोजगार के अभाव में पलायन कर गए। ऊंची जगह होने से गांव के दो परिवारों की जमीन पर कई कंपनियों के मोबाइल टॉवर लगाए गए। इन परिवारों को अपनी जमीन पर लगे मोबाइल टॉवरों का किराया मिलने से घर चलाने में दिक्कत नहीं हुई और रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ा। वहीं शुरुआत में मोबाइल टावरों के संचालन के लिए लगे जनरेटर से बिजली मिली तो इन्हें इस समस्या से निजात मिल गई। हालांकि, बाद में यूपीसीएल ने ग्रिड की बिजली से इस गांव को रोशन कर दिया। जल निगम ने पानी पहुंचाकर इन दो परिवारों की प्यास बुझाई। मूलभूत समस्याओं का समाधान होने से इन दो परिवारों ने गांव को पूरी तरह जनशून्य होने से बचाया है।
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कोट
- योजना का उद्देश्य पलायन कर चुके ग्रामीणों को रिवर्स पलायन की तरफ मोड़ना है। उम्मीद है इसमें सफलता मिलेगी। -रंजीत धर्मसक्तू, ईई, जल निगम, पिथौरागढ़