{"_id":"6056374e8ebc3ec39c36cbc9","slug":"water-crisis-in-pithauragarh-pithoragarh-news-hld418946299","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्वारबन धारी ऐर के पेयजल श्रोतों से दूसरी ग्राम पंचायतों में पानी ले जाने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्वारबन धारी ऐर के पेयजल श्रोतों से दूसरी ग्राम पंचायतों में पानी ले जाने का विरोध
विज्ञापन
लोहाघाट में शिवालय मंदिर के समीप स्टेंड पोस्ट से पानी भरते लोग।
- फोटो : LOHAGHAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत क्वारबन, धारी ऐर के पेयजल स्रोतों से सिलौनी, रियांसी आदि ग्राम पंचायतों के लिए लाइन बनाने की योजना का ग्रामीणों ने विरोध किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी हाल में वह गांव में स्रोतों से पानी नहीं ले जाने देंगे। वैसे ही पेयजल स्रोतों में पानी की कमी के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
क्वारबन धारी ऐर के ग्रामीणों ने शनिवार को जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई विभाग को पत्र भेजा। ग्रामीणों ने कहा कि क्वारबन, धारी ऐर में पहले से ही ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान हैं।
विज्ञापन
इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उल्टा गांव के स्रोतों से सिलौनी, रियांसी आदि ग्राम पंचायतों के लिए पानी ले जाया जा रहा है।
इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। ग्राम प्रधान मनोज महर ने कहा कि सिंचाई विभाग की ओर से करीब 10 साल पहले बनाई गई सिंचाई नहर भी अभी शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
पानी के अभाव में कई ग्रामीण खेती भी छोड़ चुके हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग से नहर को शीघ्र सुधारकर सिंचाई के लिए पानी दिलाने की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी हाल में वह गांव में स्रोतों से पानी नहीं ले जाने देंगे। वैसे ही पेयजल स्रोतों में पानी की कमी के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
क्वारबन धारी ऐर के ग्रामीणों ने शनिवार को जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई विभाग को पत्र भेजा। ग्रामीणों ने कहा कि क्वारबन, धारी ऐर में पहले से ही ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान हैं।
विज्ञापन
इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उल्टा गांव के स्रोतों से सिलौनी, रियांसी आदि ग्राम पंचायतों के लिए पानी ले जाया जा रहा है।
इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। ग्राम प्रधान मनोज महर ने कहा कि सिंचाई विभाग की ओर से करीब 10 साल पहले बनाई गई सिंचाई नहर भी अभी शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
पानी के अभाव में कई ग्रामीण खेती भी छोड़ चुके हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग से नहर को शीघ्र सुधारकर सिंचाई के लिए पानी दिलाने की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।