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Pithoragarh News: सड़क खुलने का एक महीने इंतजार, अब खुद ही उठाए औजार

Mon, 02 Jun 2025 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 02 Jun 2025 10:51 PM IST
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Waited for a month for the road to open, now he himself took up the tools
बंगापानी के दारमा गांव को जोड़ने वाली बंद सड़क को खोलने में जुटे युवा। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। तहसील के दूरस्थ गांव दारमा को जोड़ने वाली बंद सड़क को सिस्टम एक महीने बाद भी नहीं खोल सका है। इससे ग्रामीण दुश्वारियां झेल रहे हैं। जब कहीं से राहत नहीं मिली तो क्षेत्र के युवाओं को हाथों में फावड़ा-बेच्ला थामना पड़ा। युवाओं ने खुद सड़क खोलने की जिम्मेदारी उठाते हुए सिस्टम को आईना दिखाने का काम किया है।
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दारमा सड़क एक महीने पूर्व मलबा गिरने से चार से अधिक स्थानों पर बंद हो गई थी। लंबे समय से ग्रामीण सड़क खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। सड़क बंद होने से बीमारों, गर्भवतियों को समय पर अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में युवाओं ने खुद सड़क खोलने का निर्णय लिया है।
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गांव के किशन सिंह, मोहन सिंह, गोविंद सिंह, कुंदन सिंह सहित अन्य युवाओं ने कहा कि बंद सड़कों को समय पर खोलने के दावे हो रहे हैं लेकिन उनके गांव की बंद सड़क अब तक नहीं खुल सकी है। युवाओं ने कहा कि भले ही वे लोग चौपहिया वाहनों के लिए सड़क नहीं खोल सकते लेकिन दोपहिया वाहनों की आवाजाही का रास्ता तो खोलेंगे ही ताकि बीमारों को इसके सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाकर उनकी जान बचाई जा सके।
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नौ साल में बनी सिर्फ सात किलोमीटर सड़क
दारमा गांव के लिए वर्ष 2016 में सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। इस गांव तक 10 किमी और इसके तोक दारमा को जोड़ने के लिए करीब 20 किमी सड़क का निर्माण होना है। नौ साल बाद भी सिर्फ 7.5 किमी सड़क ही बन सकी है। पूर्व प्रधान चंद्र सिंह धामी, विरेंद्र सिंह, पुष्पा देवी, किशन सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि न तो गांव तक सड़क पहुंच सकी है और न ही पुल का निर्माण हो सका है। ऐसे में बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना नियति बन चुका है। बमुश्किल कुछ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया, वह भी एक महीने से बंद है और इसे खोलने के लिए सिस्टम गंभीर नहीं है।
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