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Pithoragarh News: वाहनों के पहिये नेपाल में थमे, कारोबार को झटका भारत में लगा
Mon, 02 Jun 2025 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 02 Jun 2025 10:46 PM IST
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नेपाल में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के बंद के बाद कंचनपुर में खड़ी बसें। स्रोत : महाकाली ट्रांसपो
झूलाघाट/बनबसा। नेपाल में वाहनों का टैक्स बढ़ाने से चालकों और वाहन स्वामियों ने अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम शुरू कर दिया है। नेपाली नागरिकों की आवाजाही बंद हो गई है। इसका असर भारत के सीमांत बाजारों पर भी पड़ रहा है। यहां भी वीरानी छाई हई है।
बैतड़ी के पूर्व मेयर प्रत्याशी गजेंद्र सिंह रावल ने बताया कि झूलाघाट, बनबसा, टनकपुर, जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला सहित अन्य भारतीय बाजारों में नेपाली नागरिकों की आवाजाही से यहां का कारोबार जुड़ा है। बड़ी संख्या में इन बाजारों में नेपाली नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। चक्का जाम के कारण नेपाली नागरिक उक्त बाजारों में नहीं जा पा रहे हैं।
कोट
टैक्स बढ़ाने के साथ ही परिवहन विभाग ने टैक्सी वाहनों का परमिट साल में दो बार रिन्यू कराने का नियम लागू किया है जो गलत है। जब तक इस फैसले को वापस नहीं लिया जाता तक नेपाल में टैक्सी वाहनों का संचालन नहीं होगा। - त्रिलोक सिंह थापा, संयोजक, महाकाली यातायात बैतड़ी
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नेपाल पर निर्भर हैं ये बाजार
झूलाघाट में नेपाली नागरिकों की आवाजाही थमने से भारतीय टैक्सी संचालकों की परेशानियां भी बढ़ गईं हैं। पिथौरागढ़ सहित अन्य शहरों में रोजगार के लिए नेपाली नागरिक झूलाघाट के रास्ते ही आवाजाही करते है। इससे भारतीय टैक्सी संचालकों का रोजगार चलता है। नेपाली नागरिकों की आवाजाही न होने से भारतीय टैक्सियां झूलाघाट में खड़ी हो गईं हैं। स्थिति यह है कि झूलाघाट में भारतीय सीमा से लगे नेपाल के कई हिस्सों से नेपाली नागरिक बाइक से आवाजाही कर रहे हैं।
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बनबसा में भी छाई रही सुनसानी, यात्रियों को हुई परेशानी
बनबसा। नेपाल में टैक्सियों के अनिश्चितकालीन चक्का जाम से भारत से लौट रहे नेपाली नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें पैदल ही जाना पड़ा। बनबसा के कॉमर्शियल वाहनों को भी नेपाल नहीं जाने दिया गया। नेपाल के ट्रांसपोर्टर पहली जून से निजी वाहनों (लाल प्लेट) के संचालन के लिए लागू की गई धारा 2 (एच) को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
महाकाली ट्रांसपोर्ट के चेयरमैन डंबर राज पंत और द पब्लिक ट्रांसपोर्ट बचाओ संघर्ष समिति कंचनपुर के अध्यक्ष जनक बहादुर चंद ने कहा कि सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। मांगे पूरी होने तक, आंदोलन जारी रहेगा। वहां महाकाली ट्रांसपोर्ट मल्टीपरपज कंपनी प्रा.लि. के सचिव देवराज जोशी, नेपाल यातायात मजदूर संगठन के केंद्रीय सदस्य पद्मराज जोशी मौजूद रहे।
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30 से 40 फीसदी कारोबार प्रभावित
बनबसा में व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी और महामंत्री अभिषेक गोयल ने बताया कि नेपाली खरीदारों के बनबसा नहीं आने से यहां 30 से 40 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के बीच प्रतिदिन औसतन 10-12 लाख का कारोबार होता है। बनबसा और नेपाल का कारोबार एक-दूसरे पर निर्भर है। बनबसा में करीब एक हजार छोटी-बड़ी दुकानें हैं। ऐसे में उनके लिए भी दिक्कतें हैं। संवाद
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बैतड़ी के पूर्व मेयर प्रत्याशी गजेंद्र सिंह रावल ने बताया कि झूलाघाट, बनबसा, टनकपुर, जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला सहित अन्य भारतीय बाजारों में नेपाली नागरिकों की आवाजाही से यहां का कारोबार जुड़ा है। बड़ी संख्या में इन बाजारों में नेपाली नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। चक्का जाम के कारण नेपाली नागरिक उक्त बाजारों में नहीं जा पा रहे हैं।
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कोट
टैक्स बढ़ाने के साथ ही परिवहन विभाग ने टैक्सी वाहनों का परमिट साल में दो बार रिन्यू कराने का नियम लागू किया है जो गलत है। जब तक इस फैसले को वापस नहीं लिया जाता तक नेपाल में टैक्सी वाहनों का संचालन नहीं होगा। - त्रिलोक सिंह थापा, संयोजक, महाकाली यातायात बैतड़ी
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नेपाल पर निर्भर हैं ये बाजार
झूलाघाट में नेपाली नागरिकों की आवाजाही थमने से भारतीय टैक्सी संचालकों की परेशानियां भी बढ़ गईं हैं। पिथौरागढ़ सहित अन्य शहरों में रोजगार के लिए नेपाली नागरिक झूलाघाट के रास्ते ही आवाजाही करते है। इससे भारतीय टैक्सी संचालकों का रोजगार चलता है। नेपाली नागरिकों की आवाजाही न होने से भारतीय टैक्सियां झूलाघाट में खड़ी हो गईं हैं। स्थिति यह है कि झूलाघाट में भारतीय सीमा से लगे नेपाल के कई हिस्सों से नेपाली नागरिक बाइक से आवाजाही कर रहे हैं।
बनबसा में भी छाई रही सुनसानी, यात्रियों को हुई परेशानी
बनबसा। नेपाल में टैक्सियों के अनिश्चितकालीन चक्का जाम से भारत से लौट रहे नेपाली नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें पैदल ही जाना पड़ा। बनबसा के कॉमर्शियल वाहनों को भी नेपाल नहीं जाने दिया गया। नेपाल के ट्रांसपोर्टर पहली जून से निजी वाहनों (लाल प्लेट) के संचालन के लिए लागू की गई धारा 2 (एच) को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
महाकाली ट्रांसपोर्ट के चेयरमैन डंबर राज पंत और द पब्लिक ट्रांसपोर्ट बचाओ संघर्ष समिति कंचनपुर के अध्यक्ष जनक बहादुर चंद ने कहा कि सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। मांगे पूरी होने तक, आंदोलन जारी रहेगा। वहां महाकाली ट्रांसपोर्ट मल्टीपरपज कंपनी प्रा.लि. के सचिव देवराज जोशी, नेपाल यातायात मजदूर संगठन के केंद्रीय सदस्य पद्मराज जोशी मौजूद रहे।
30 से 40 फीसदी कारोबार प्रभावित
बनबसा में व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी और महामंत्री अभिषेक गोयल ने बताया कि नेपाली खरीदारों के बनबसा नहीं आने से यहां 30 से 40 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के बीच प्रतिदिन औसतन 10-12 लाख का कारोबार होता है। बनबसा और नेपाल का कारोबार एक-दूसरे पर निर्भर है। बनबसा में करीब एक हजार छोटी-बड़ी दुकानें हैं। ऐसे में उनके लिए भी दिक्कतें हैं। संवाद