वाहन गुंजी नहीं पहुंचा पाया केएमवीएन
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गुंजी से कालापानी तक कैलास मानसरोवर यात्रियों को वाहनों से ले जाने की योजना इस बार धरी रह गई। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने यात्रा शुरू होने से पहले जून में यह एलान किया था कि इस बार यात्रियों को गुंजी से कालापानी तक वाहनों से सफर कराया जाएगा। इसके लिए निगम दो जीपों को हेलीकॉप्टर से गुंजी में उतारेगा, लेकिन कैलास मानसरोवर यात्रा अब समापन की ओर है। यात्रियों ने पिछले वर्षों की तरह ही इस बार भी पैदल ही सफर किया। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर 17 दल जा चुके हैं। 18वां और अंतिम दल 20 अगस्त को यहां पहुंचेगा।
केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि इस बार गुंजी से यात्रियों को वाहन से ले जाने की योजना सफल नहीं हो पाई। हेलीकॉप्टर से वाहनों को गुंजी में उतारने में खर्चा बहुत आ रहा था। उसके बाद भी वाहनों को पूरे आठ महीने तक गुंजी में खाली छोड़ना पड़ता। उन्होंने बताया कि गुंजी तक वाहन पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का खर्च 30 लाख रुपये के करीब आने वाला था। गुंजी ज्यादा ऊंचाई पर होने के कारण कोई भी हेलीकॉप्टर पायलट इसके लिए जल्दी तैयार भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगली बार से यात्रियों को गुंजी से वाहन की सुविधा मिले, इसके लिए पहले से तैयारी की जाएगी। गुंजी से कालापानी की दूरी दस किलोमीटर है। इसमें एक वर्ष पहले सड़क का निर्माण हो चुका है। आईटीबीपी ने अपने एक-दो वाहन गुंजी पहुंचा भी दिए हैं।
यात्रियों का दल सिर्खा पड़ाव पहुंचा
कैलास मानसरोवर यात्रियों का 17वां दल बुधवार को आधार शिविर से सिर्खा पड़ाव पहुंच गया है। यात्रियों को बुधवार को तवाघाट से मांगती होते हुए गर्वाधार तक वाहनों से ले जाया गया। पांगला में पिछले कुछ दिनों से बंद सड़क अब खुल चुकी है। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि यात्रियों को बुधवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।