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वन विभाग को हस्तांतरित भूमि में कर दिया अतिक्रमण
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पातालभुवनेश्वर के जीबल क्षेत्र में वन भूमि के नक्शे को देखते एसडीएम डा.सौरभ गहरवार। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
पाताल भुवनेश्वर के जीबल में एक वर्ष पूर्व वन विभाग को हस्तांतरित की गई भूमि में अवैध रूप से सड़क बना दी। इतना ही नहीं वन भूमि में कुछ कच्चे भवन भी बना दिए गए। शिकायत मिलने पर तहसील प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग ने संयुक्त रूप से मौका मुआयना किया।
एसडीएम ने अतिक्रमणकारियों से जुर्माना वसूलने और भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आंवलाघाट-पिथौरागढ़ सड़क निर्माण में कटी वन भूमि के एवज में जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 सितंबर 2018 को पौधरोपण के लिए 13 हेक्टेअर भूमि जीबल में वन विभाग को दी गई थी। इस भूमि में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर दिया था। इसके अलावा पेड़ों का कटान कर कई कच्चे-पक्के निर्माण भी शुरू हो गए थे।
ग्रामीण इसकी शिकायत लगातार कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद शनिवार को एसडीएम आईएएस डा.सौरभ गहरवार, वन विभाग के एसडीओ नवीन पंत, खान अधिकारी प्रदीप कुमार ने मौका मुआयना किया। इस दौरान ड्रोन, जीपीएस और गुनिया की मदद से भूमि की माप ली गई। उपजिलाधिकारी डॉ.गहरवार ने बताया कि वन विभाग को हस्तांतरित भूमि में अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है। घरों को सड़क बनाई है। निर्माण कार्यों को लेकर लोगों से प्रपत्र दिखाने को दस दिन का समय दिया गया है। यदि प्रपत्र नहीं दिए गए तो अतिक्रमणकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
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एसडीएम ने अतिक्रमणकारियों से जुर्माना वसूलने और भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आंवलाघाट-पिथौरागढ़ सड़क निर्माण में कटी वन भूमि के एवज में जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 सितंबर 2018 को पौधरोपण के लिए 13 हेक्टेअर भूमि जीबल में वन विभाग को दी गई थी। इस भूमि में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर दिया था। इसके अलावा पेड़ों का कटान कर कई कच्चे-पक्के निर्माण भी शुरू हो गए थे।
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ग्रामीण इसकी शिकायत लगातार कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद शनिवार को एसडीएम आईएएस डा.सौरभ गहरवार, वन विभाग के एसडीओ नवीन पंत, खान अधिकारी प्रदीप कुमार ने मौका मुआयना किया। इस दौरान ड्रोन, जीपीएस और गुनिया की मदद से भूमि की माप ली गई। उपजिलाधिकारी डॉ.गहरवार ने बताया कि वन विभाग को हस्तांतरित भूमि में अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है। घरों को सड़क बनाई है। निर्माण कार्यों को लेकर लोगों से प्रपत्र दिखाने को दस दिन का समय दिया गया है। यदि प्रपत्र नहीं दिए गए तो अतिक्रमणकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
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