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Pithoragarh News: उत्तराखंड में इस बार जनवरी में सामान्य से बहुत कम हुई बारिश
Sun, 02 Feb 2025 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:13 AM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड में इस साल जनवरी में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। इसका असर फसल के साथ ही जलस्रोतों और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार जनवरी में प्रदेश में बारिश का औसत 42.2 मिमी है जबकि इस बार महज 5.4 एमएम ही बारिश हुई।
पिथौरागढ़ जनपद में जनवरी में बारिश का औसत 107.7 मिमी है। यहां जनवरी में 51.3 और फरवरी में 56.4 मिमी बारिश होती है। पिछले पांच वर्षों की यदि बात करें तो 2020 में यहां 46 मिमी बारिश हुई। 2021 में 23, 2022 में 27.9 एमएम बारिश हुई। वर्ष 2023 में 1.7, साल 2024 में शून्य और इस साल जनवरी में महज एक दिन 6.5 मिमी बारिश हुई।
रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधान (डिबेर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार पांडेय का कहना है कि वर्षभर की 10 फीसदी बारिश जाड़ों में होती है। इस सीजन में कम बारिश से फसल, वनस्पतियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। बारिश से भूजल स्तर में भी वृद्धि होती है। बारिश नहीं होने से गर्मियों में पानी का संकट गहराएगा। हिमालयी क्षेत्र में कम बर्फबारी से नदियों का पानी भी कम हो जाएगा। साथ ही गर्मी बढ़ने से जीवाणु जनित रोग भी बढ़ेंगे।
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कोट:
बारिश कम होने से फसल की बढ़वार पर सीधा असर पड़ेगा। गेहूं की फसल को पर्याप्त नमी चाहिए होती है। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ जनपद में जनवरी में बारिश का औसत 107.7 मिमी है। यहां जनवरी में 51.3 और फरवरी में 56.4 मिमी बारिश होती है। पिछले पांच वर्षों की यदि बात करें तो 2020 में यहां 46 मिमी बारिश हुई। 2021 में 23, 2022 में 27.9 एमएम बारिश हुई। वर्ष 2023 में 1.7, साल 2024 में शून्य और इस साल जनवरी में महज एक दिन 6.5 मिमी बारिश हुई।
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रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधान (डिबेर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार पांडेय का कहना है कि वर्षभर की 10 फीसदी बारिश जाड़ों में होती है। इस सीजन में कम बारिश से फसल, वनस्पतियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। बारिश से भूजल स्तर में भी वृद्धि होती है। बारिश नहीं होने से गर्मियों में पानी का संकट गहराएगा। हिमालयी क्षेत्र में कम बर्फबारी से नदियों का पानी भी कम हो जाएगा। साथ ही गर्मी बढ़ने से जीवाणु जनित रोग भी बढ़ेंगे।
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कोट:
बारिश कम होने से फसल की बढ़वार पर सीधा असर पड़ेगा। गेहूं की फसल को पर्याप्त नमी चाहिए होती है। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी पिथौरागढ़।