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वन्य जीव तस्कर को तीन साल का कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 26 May 2017 10:20 PM IST
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तस्कर को कारावास
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को एक वन्य जीव तस्कर को तीन साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में चार आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने बताया कि 14 अगस्त 2012 को पुलिस की एसओजी और वन विभाग की टीम ने नैनीसैनी हवाईपट्टी के नजदीक सुरेंद्र सिंह मेहता, सुरेंद्र सिंह दानू, गोविंद सिंह, राजेंद्र सिंह को तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा था। इनका एक साथी विक्रम सिंह मौके से फरार हो गया। उसने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में अदालत ने वन क्षेत्राधिकारी बालम सिंह, वन दरोगा हेम जोशी, एसओजी प्रभारी अशोक राठौर, कांस्टेबल अनिल मर्तोलिया, विवेचक वन विभाग के एसडीओ मनोहर सिंह सीमिया को गवाह के तौर पर अदालत में पेश किया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुरेंद्र सिंह मेहता को तीन साल की सजा और जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में पकड़े गए चार अन्य लोगों को बरी कर दिया गया। पकड़ी गई खाल को परीक्षण के लिए वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया। वहां से खाल के तेंदुए की होने की पुष्टि हुई थी।
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