{"_id":"57c5b6e64f1c1b0d582cbb60","slug":"three-passengers-including-lo-birthday-celebrated","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलओ समेत तीन यात्रियों ने मनाया जन्मदिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलओ समेत तीन यात्रियों ने मनाया जन्मदिन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 30 Aug 2016 10:10 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ टीआरसी में जन्मदिन का केक काटते कैलास यात्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे 16वें दल के यात्रियों में मंगलवार को अलग उल्लास देखने को मिला। दल के लायजन आफीसर आईटीबीपी 14वीं वाहिनी के उपसेनानी अजय निर्मलकर समेत तीन यात्रियों ने पिथौरागढ़ पहुंचने पर अपना जन्मदिन मनाया। पर्यटक आवासगृह में केक काटा गया।
विज्ञापन
16वें दल के लायजन आफीसर अजय निर्मलकर का जन्मदिन 25 अगस्त को, यात्री नरेंद्र जोशी का 24 अगस्त को और शीतलबेन का 29 अगस्त को था, लेकिन उस दौरान यह दल यात्रा पर था। मंगलवार को जैसे ही दल में शामिल नौ महिलाओं समेत कुल 43 यात्री यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे तो यात्रा के दौरान की सारी औपचारिकताएं समाप्त हो गई। एकदम पारिवारिक माहौल हो गया। अजय निर्मलकर यहां जाजरदेवल स्थित 14वीं वाहिनी मुख्यालय में तैनात हैं। यात्रा पूरी कर लौटने की जानकारी मिलते ही उनकी पत्नी स्वाति अपने दो बेटों अद्वैत और अदम्य को लेकर टीआरसी पहुंच गई। घर जैसे माहौल में बर्थडे मनाने का कार्यक्रम हुआ।
विज्ञापन
यात्रियों ने बताया कि धारचूला से आगे के पैदल सफर में पोनी और पोर्टर्स की भारी मनमानी चलती है। इस पर अंकुश लगना चाहिए। यात्रा पड़ावों पर जो बिस्तर प्रथम दल के लिए उपयोग में लाया जाता है, वही अंतिम दल को भी मिलता है। बिस्तर को कम से कम एक दो दलों के जाने के बाद बदला जाना चाहिए। यही समस्या तिब्बत में बनाए गए पड़ावों में भी है। यात्रियों ने कहा कि आईटीबीपी के सहयोग के बिना यह कठिन यात्रा संभव नहीं है। इससे पहले यात्रियों का आईटीबीपी 14वीं वाहिनी मुख्यालय में भी स्वागत हुआ। टीआरसी में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों का स्वागत किया और मानसरोवर स्मृति वन में पौधे रोपे। यात्री दोपहर भोजन के बाद जागेश्वर को रवाना हो गए।
विज्ञापन