{"_id":"f21e5aca816a8dea31c553ff2607a4c4","slug":"the-yield-on-the-30-march-issue-of-inner-line-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इनरलाइन के मुद्दे पर 30 को निकलेगा जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इनरलाइन के मुद्दे पर 30 को निकलेगा जुलूस
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला /पिथौरागढ़
Updated Sun, 27 Dec 2015 05:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इनरलाइन को छियालेक से जौलजीबी शिफ्ट करने की मांग को लेकर सीमांत के लोगों ने आंदोलन की रणनीति तय कर दी है। इस मुद्दे पर होने वाले आंदोलन में सभी राजनैतिक दलों के लोग शामिल होंगे। 30 दिसंबर को तहसील मुख्यालय में जुलूस निकलेगा। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा।
विज्ञापन
सीमांत जन कल्याण समिति के प्रदेश मंत्री महेंद्र बुदियाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमांत की सुरक्षा के लिहाज से एक बार फिर इनरलाइन को जौलजीबी में लाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। भारत और चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध के बाद सीमांत की संवेदनशीलता को देखते हुए धारचूला को नोटिफाइड एरिया घोषित किया गया था और धारचूला में प्रवेश करने से पहले जौलजीबी में इनरलाइन परमिट दिखाना जरूरी होता था। 1998 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इनरलाइन को जौलजीबी से छियालेक शिफ्ट कर दिया। छियालेक की दूरी धारचूला से 60 किलोमीटर है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी रोकटोक के धारचूला तथा उससे आगे छियालेक तक पहुंच रहा है।
विज्ञापन
श्री बुदियाल ने बताया कि हाल के वर्षों में धारचूला में आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं। बाहरी लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यह सीमांत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का कारण हो सकता है। इससे पहले इस मुद्दे को लेकर बरम, बलुवाकोट, पांगला, खेला, दारमा, व्यास, चौदांस घाटी में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। करीब 20 हजार लोगों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। 30 दिसंबर को होने वाले जुलूस, प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। साथ ही सभी राजनैतिक दलों के लोगों को जुलूस में शामिल किया जाएगा। ताकि इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखा जा सके।
विज्ञापन