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पिथौरागढ़ में नहीं आया पानी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:49 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। शनिवार को दिनभर हुई तेज बारिश से रविवार को नगर के करीब 70 फीसदी हिस्से की पेयजल सप्लाई पूरी तरह ठप रही। जल संस्थान बारिश के मौसम में अब तक पांच बार जीरो सप्लाई कर चुका है। एक दिन जीरो सप्लाई होने पर सप्लाई नार्मल होने में तीन दिन लग जाते हैं। रविवार को लोनिवि गेस्टहाउस के पास स्थित टंकी में एक बूंद पानी नहीं था।
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जल संस्थान के अधिकारी बार-बार यही दोहराते हैं कि नदियों में बारिश के दौरान सिल्ट आ जाती है। लकड़ी, पत्थर बहकर आती है, यदि उस समय पंपों को चलाया जाए तो उनके फटने का खतरा रहता है। लिहाजा सावधानी के तौर पर बारिश के समय पंपों का संचालन बंद किया जाता है। जल संस्थान ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की है कि किसी दिन पानी की पंपिंग न होने की स्थिति में किसी स्टोरेज टंकी से पानी दे दिया जाए।
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यदि कभी लगातार बारिश हुई और नदियों में सिल्ट आने का क्रम नहीं रुका तो जल संस्थान नगर के लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं करा पाएगा। रविवार को घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, लुंठ्यूड़ा, जीआईसी रोड, टीआरसी समेत सभी इलाकों में पेयजल की सप्लाई ठप रही। बताया गया कि जल संस्थान ने शनिवार को पूरे दिन और रात में पंपों को नहीं चलाया था। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि रविवार को अधिकांश इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। इधर, उपभोक्ताओं का कहना है कि जल संस्थान को पेयजल के लिए वैकल्पिक प्रबंध करने चाहिए। अन्यथा बारिश के इस सीजन में भी लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ेगा।
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जल संस्थान ने जिन क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को अस्थायी रूप से चलाया है, उनके किसी भी समय बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इस समय ग्रामीण अंचलों में प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी आने से लोगों का काम चल रहा है। अक्तूबर के बाद स्रोतों का स्तर कम होने लगेगा, यदि तब तक पानी की लाइनों की स्थायी रूप से मरम्मत नहीं हुई तो संकट गहरा जाएगा।