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दोनों पक्ष पहुंचे कोतवाली, बाद में हो गई सुलह
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 03 Oct 2016 10:37 PM IST
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दोनों पक्ष पहुंचे कोतवाली, बाद में हो गई सुलह
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। रोडवेज स्टेशन के पास सोमवार की सुबह रोडवेज के कर्मचारियों और टैक्सी संचालकों के बीच विवाद हो गया। रोडवेज के कर्मचारियों का कहना है कि टैक्सी वाले अनधिकृत रूप से रोज रोडवेज स्टेशन में आकर उनके यात्रियों को खींच ले जाते हैं, जबकि नियमानुसार टैक्सी वालों को रोडवेज स्टेशन से 100 मीटर दूर रहना चाहिए।
सुबह जिस समय रोडवेज की बसें टनकपुर, देहरादून, हल्द्वानी के लिए जाने को तैयार होती हैं ठीक उसी समय टैक्सी वाले आ जाते हैं। रोडवेज के कर्मचारियों ने इस प्रवृत्ति का विरोध किया और इस पर रोक लगाने की मांग को लेकर कुछ देर तक जाम भी लगा दिया। इस दौरान कई बार दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत भी आ गई। हंगामे की नौबत आते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी हिमांशु साह मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को कोतवाली बुला लिया।
कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में तय हुआ है कि टैक्सी वाले रोडवेज स्टेशन के पास से यात्रियों को नहीं बिठाएंगे और स्टेशन से 100 मीटर दूर रहेंगे। यात्रियों की इच्छा के विपरीत कोई काम नहीं होगा। यदि यात्री बस में जाना चाहता है तो उसे टैक्सी में बैठने के लिए मजबूर न किया जाए और यदि टैक्सी में जाना चाहता है तो उसे बस या रोडवेज की अनुबंधित मैक्स कैब में न बिठाया जाए।
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करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई। कोतवाल ध्यान सिंह ने कहा है कि अब सुबह के समय स्टेशन में पुलिस तैनात रहेगी। ताकि कोई विवाद खड़ा न हो। बातचीत में रोडवेज की तरफ से कमल तिवारी समेत अन्य कर्मचारी और टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दीपक लुंठी तथा त्रिलोक महर मौजूद थे।
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सुबह जिस समय रोडवेज की बसें टनकपुर, देहरादून, हल्द्वानी के लिए जाने को तैयार होती हैं ठीक उसी समय टैक्सी वाले आ जाते हैं। रोडवेज के कर्मचारियों ने इस प्रवृत्ति का विरोध किया और इस पर रोक लगाने की मांग को लेकर कुछ देर तक जाम भी लगा दिया। इस दौरान कई बार दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत भी आ गई। हंगामे की नौबत आते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी हिमांशु साह मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को कोतवाली बुला लिया।
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कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में तय हुआ है कि टैक्सी वाले रोडवेज स्टेशन के पास से यात्रियों को नहीं बिठाएंगे और स्टेशन से 100 मीटर दूर रहेंगे। यात्रियों की इच्छा के विपरीत कोई काम नहीं होगा। यदि यात्री बस में जाना चाहता है तो उसे टैक्सी में बैठने के लिए मजबूर न किया जाए और यदि टैक्सी में जाना चाहता है तो उसे बस या रोडवेज की अनुबंधित मैक्स कैब में न बिठाया जाए।
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करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई। कोतवाल ध्यान सिंह ने कहा है कि अब सुबह के समय स्टेशन में पुलिस तैनात रहेगी। ताकि कोई विवाद खड़ा न हो। बातचीत में रोडवेज की तरफ से कमल तिवारी समेत अन्य कर्मचारी और टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दीपक लुंठी तथा त्रिलोक महर मौजूद थे।