देश-विदेश में छाई जोशी बंधुओं की चाय: हर तरफ ‘मिस्टर हब्ज’ की चर्चा, रोचक है इन तीन भाइयों की कामयाबी की कहानी
पिथौरागढ़ जिले के तीन भाई सुमित जोशी, अमित जोशी और देवेश जोशी ने ‘मिस्टर हब्ज’ नाम से पिथौरागढ़ सिनेमा लाइन में अगस्त में चाय का कारोबार शुरू किया है। और इनकी चाय की खुशबू अब विदेश में भी महक रही है।
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एक ओर युवा बीटेक, एमटेक, इंजीनियरिंग, बीबीए कर महानगरों में नौकरी पाने के लिए तमाम संघर्ष कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर आठगांव शिलिंग के बिमोड़ा देवदार निवासी तीन भाइयों ने बीबीए, एमबीए और इंजीनियरिंग कर खुद का चाय कारोबार शुरू किया है। उनकी चाय देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी धूम मचा रही है। जोशी बंधु चाय का हर माह दो लाख का कारोबार कर रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले के आठगांव शिलिंग बिमोड़ा देवदार निवासी तीन भाई सुमित जोशी, अमित जोशी और देवेश जोशी ने ‘मिस्टर हब्ज’ नाम से पिथौरागढ़ सिनेमा लाइन में अगस्त में चाय का कारोबार शुरू किया है। सुमित जोशी ने बीटेक और एमटेक कर तीन साल भारत सरकार के हर्बल प्रोजेक्ट डीबीटी में काम किया।
उनके भाई अमित जोशी ने पिथौरागढ़ महाविद्यालय से बीबीए किया है और देवेश जोशी ने मूनाकोट पॉलीटेक्निक से सिविल ट्रेड से इंजीनियरिंग की है। सुमित का कहना है कि तीनों भाइयों के मन में अपने पहाड़ और पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने की इच्छा हमेशा रही। इसलिए उन्होंने स्थानीय ब्रांड की चाय बनाकर कारोबार शुरू करने का मना बनाया।
अच्छी डिमांड मिलने से तीनों भाई उत्साहित
उन्होंने सिनेमा लाइन में कार्यालय खोलकर ‘मिस्टर हब्ज’ नाम से चाय का उत्पादन शुरू किया। उनकी चाय को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। चाय की मांग जर्मनी सहित उत्तराखंड के कई जिलों और जम्मू कश्मीर, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्यों में है। चाय की अच्छी डिमांड मिलने से तीनों भाइयों में काफी उत्साह है। उनका लक्ष्य है कि यहां के लोगों को उनके उत्पादों के अच्छे दाम दिलाकर उनकी आय में सुधार करना है।
बाजार में ये चाय उतारी
सात प्रकार की ग्रीन-टी, कैमोमाइल-टी, तीन प्रकार की मसाला-टी, जिमनेमा सिल्वेस्टर, हिबिस्कस, तुलसी, ब्लूबेरी, त्रिफला, स्टार ऐनीज, रूइबोस, शंखपुष्पी, रोडोडेंड्रोन, हल्दी और जड़ी-बूटियों से तैयार चाय।
स्थानीय स्तर पर बिक रहे रोजाना दो सौ से अधिक पैकेट
जोशी बंधु बताते हैं कि उन्होंने चाय उत्पादन के कार्य में पांच कर्मचारियों को रखा है। तीन माह में वेतन को निकालकर उन्होंने ढाई लाख तक मुनाफा कमाया है। रोजाना स्थानीय स्तर पर दो सौ से अधिक चाय के पैकेट बिक जाते हैं जबकि सौ से अधिक पैकेट बाहर भेजे जाते हैं।
लोकेश ने पिज्जा बेचकर 21 को दिया रोजगार
नौकरी के लिए बाहरी राज्यों की छाक छान रहे युवाओं के लिए डीडीहाट के भनड़ा निवासी युवा लोकेश कन्याल मिसाल हैं। उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़कर पहाड़ में स्वरोजगार शुरू किया और तीन साल में 21 युवक-युवतियों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। लोकेश हर माह तीन से चार लाख रुपये के पिज्जा बेच रहे हैं।
लोकेश कन्याल ने इंटर की पढ़ाई हल्द्वानी से की। इसके बाद उन्होंने 2012 में चंडीगढ़ से होटल मैनेजमेंट किया। वर्ष 2015 में उनका चयन दिल्ली में बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के तौर पर हुआ। इसके बाद उन्होंने कंपनी में काम की बारीकियां सीखीं लेकिन बाहर की जिंदगी उन्हें रास नहीं आई और 2019 में वह पिथौरागढ़ आ गए।
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पिथौरागढ़ की लिंक रोड पर द पिज्जा स्लाइस नाम से पिज्जा रेस्टोरेंट खोला। शुरुआत में 15 लाख की पूंजी लगाई और 10 युवाओं को काम दिया। इसके बाद उन्होंने जनवरी 2021 में जाखनी पिथौरागढ़ में अपना दूसरा रेस्टोरेंट खोला जिसमें छह युवाओं को काम दिया।
लोकेश ने अपने गृह क्षेत्र डीडीहाट में भी फरवरी 2022 में तीसरा रेस्टोरेंट खोला और पांच युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में हर ब्लॉक में पिज्जा शॉप खोलकर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सीमांत के युवाओं का पहाड़ से पलायन रोकना है। लोकेश ने कहा कि वह अपनी कमाई का कुछ हिस्सा सामाजिक कार्यों पर भी खर्च करते हैं।