छठे दल के यात्रियों की राह में नहीं आए रोडे़
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे छठे दल के यात्रियों का पिथौरागढ़ में जोरदार स्वागत किया गया। यात्रियों में इस बात की खुशी है कि यात्रा के दौरान मौसम ने उनका साथ दिया। कहीं पर भी रोड बंद होने के कारण यात्रियों को रुकना नहीं पड़ा। इस दल के शेड्यूल में भी किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया। निर्धारित समय पर बृहस्पतिवार को दोपहर भोजन के लिए यात्री यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे। टीआरसी के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी और उनके स्टाफ ने यात्रियों को दोपहर भोजन में कुमाऊंनी व्यंजन परोसे गए। यात्रियों ने मानसरोवर स्मृति वन में पौधरोपण किया और हिमालय बचाने का संकल्प पत्र भरा।
दल के लायजन आफीसर सीबी सिंह ने बताया कि दल में 38 यात्री हैं। उन्होंने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बारिश इस समय कम मिली। पैदल रास्ते भी ठीक हालत में थे। उन्होंने कहा कि कैलास पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन से अपार शांति मिलती है। यात्री दोपहर भोजन के बाद रात्रि विश्राम के लिए जागेश्वर रवाना हो गए। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर अब तक दस दल जा चुके हैं, जबकि यात्रा पूरी कर छह दल लौटे हैं। इस बार 18 दल कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।
9वें दल के एक यात्री की तबियत बिगड़ी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे 9वें दल में शामिल महाराष्ट्र निवासी 63 वर्षीय अशोक भास्कर वाडेकर का स्वास्थ्य गुंजी पड़ाव में बिगड़ गया है। उन्होंने आगे की यात्रा स्थगित कर दी है और गुंजी में डॉक्टरों की देखरेख में आराम कर रहे हैं। आईटीबीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 9वें दल के यात्रियों का गुंजी में मेडिकल परीक्षण हुआ। सभी यात्री फिट पाए गए, लेकिन रात में श्री वाडेकर की तबियत अचानक बिगड़ गई। उनको उल्टियां आने लगी। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने आगे की यात्रा स्थगित कर दी, जबकि दल में शामिल 36 यात्री गुंजी से नाभीढांग को रवाना हो गए हैं। दल के लायजन आफीसर गया प्रसाद ने बताया कि वाडेकर अब वापस जाने वाले सातवें दल के साथ दिल्ली लौटेंगे।