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शहीदों के गांव तक नहीं पहुंची सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 22 Jul 2016 10:13 PM IST
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सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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कारगिल युद्ध के तीन शहीदों के भाटीगांव, बिलाई और सौन गांव के लोगों ने शुक्रवार को सड़क निर्माण की मांग को लेकर डीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। बिलाई के कुंडल बेलाल, भाटीगांव के देवीदत्त भट्ट और सौनगांव के मनोज भट्ट में युद्ध में शहादत दी थी। कारगिल युद्ध के तुरंत बाद अशोकनगर से बेलतड़ी होते हुए क्वारबन तक सड़क निर्माण की मंजूरी हुई थी, लेकिन अब तक इन सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है।
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सौनगांव के समाजसेवी अशोक भट्ट के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए कई बार टेंडर लग गए हैं। वर्ष 2014 में लगाए टेंडर में कहा गया था कि सड़क निर्माण का काम 18 महीने में पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक सड़क नहीं बनी। उन्होंने कहा कि भाटीगांव वाली सड़क को तीन किमी बनाकर छोड़ दिया गया है, इससे लोगों को यातायात की सुविधा नहीं पा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कारगिल युद्ध को 17 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन शहीदों के गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं।
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प्रशासन को सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए 20 दिन का समय दिया गया है और उसके बाद लगातार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रधान अनीता देवी, होशियार सिंह, कुंदन बोरा, बीडीसी मेंबर भुवन टम्टा आदि थे। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने लोनिवि के ईई एनसी जोशी से कहा कि सड़क निर्माण में जो भी बाधा आ रही है उसे तत्काल दूर किया जाए।
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