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गोविंदी त्यार मैतै क जोगि आर्योछ...
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 25 Aug 2016 10:02 PM IST
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आठूं महोत्सव में चांचरी गाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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जिलेभर में आठूं की धूम मची है। जिला मुख्यालय में चल रहे आठूं महोत्सव में विभिन्न गांवों के दल लोक कला, लोक परंपरा का प्रदर्शन कर रहे हैं। गोविंदी त्यार मैतै क जोगि आ र्योछ चिमटा चमाचम, त्वे कैले द्याना सजन का फुना, मैत है लायूं सजन का फुना के बोलों पर लोग खूब थिरके।
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बृहस्पतिवार को भगवान महेश्वर के विग्रह को रेखा जोशी के नेतृत्व में सेरा, खड़कोट स्थित बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज प्रांगण से छलिया नृत्य के बीच घंटाकरण, बैंकरोड, सिल्थाम, गांधीचौक, सिमलगैर बाजार होते हुए आयोजन स्थल रामलीला मैदान तक लाया गया। मैदान में मां गौरा के साथ भगवान महेश्वर के विग्रह को स्थापित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री प्रकाश पंत ने आयोजन की सराहना की।
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आयोजक रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह माहरा, शिवराज अधिकारी, दीपक गुप्ता, हेमराज बिष्ट, कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया, रेनू कुंवर, माधवी बिष्ट, सुशीला कार्की, भगवती अवस्थी, संगीता सौन, हेमलता अवस्थी आदि महोत्सव के संचालन में सहयोग कर रहे हैं।
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खोल दे माता, खोल भवानी, धरम किवाड़
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आठूं पर्व की धूम मची है। हालांकि, एक जुलाई को आई आपदा से तहसील के सैकड़ों गांवों को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन लोग उस आपदा को भूलकर संयुक्त रूप से आठूं पर्व मना रहे हैं। भनड़ा गांव के कुंडल सिंह कन्याल बताते हैं कि गांव वालों को खासकर महिलाओं को आठूं पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व की शुरुआत देवी की स्तुति-खोल दे माता, खोल भवानी, धरम किवाड़ गीत से होती है। भैंस्यूड़ी गांव में आठूं के पर्व को मेले के रूप में मनाया जाता है। इसके समापन पर भैस्यूड़ी में ठुल खेल का आयोजन किया जाता है। इसमें रामायण और महाभारत की कथा को लोकगीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। दूनाकोट, आदिचौरा, नारायणनगर, गर्खा, भागीचौरा, सिंघाली, घिमाली, भांतड़, हाट, मिर्थी, धौलेत सहित सभी क्षेत्रों में रात को दो बजे तक आठूं के झोड़ा, चांचरी हो रहे हैं।
अस्कोट, झूलाघाट में भी आठूं की धूम
अस्कोट/झूलाघाट। अस्कोट क्षेत्र में आठूं पर्व की धूम मची है। लोग घर-घर जाकर आठूं गायन कर रहे हैं। झूलाघाट के माजिरकांडा, कानड़ी, सीम में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। नेपाल के बैतड़ी जिले में आठूं पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया।