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Pithoragarh News: आखें नै देखीनो, अंदाज नै आयो कैमे लागि मुहर...

Thu, 24 Jul 2025 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 24 Jul 2025 11:07 PM IST
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The eyes did not see, the style did not come and the seal came...
थल के सत्यालगांव में मतदान के लिए पहुंची बेली देवी(95), मोतिमा देवी(78) और प्रेमा देवी(80)। संव
पिथौरागढ़। भितर उज्यालो नि थ्यो त आखें न देखीनो। अंदाज न आयो कैमे लागी मुहर यानी बूथ पर पर्याप्त रोशनी न होने से बैलेट पेपर में अंकित चुनाव चिह्न ठीक से नजर नहीं आए। पता नहीं चला कि किस प्रत्याशी के नाम के आगे मुहर लग गई। अंदाजन मुहर लगानी पड़ी। यह दिक्कत बयां की अधिकांश बुजुर्ग मतदाताओं ने। आंखों की रोशनी कमजोर हो गई फिर भी उम्र के इस पड़ाव में लोकतंत्र पर विश्वास कम नहीं हुआ। लोकतंत्र के भागीदार बनकर अपने गांव की सरकार चुनने बूथों पर पहुंचे बुजुर्ग मतदाताओं को बदहाल व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल भी खोली है।
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दरअसल पंचायत चुनाव में मतदान के लिए अधिकांश सरकारी स्कूलों को मतदान केंद्र बनाया गया था। कई स्कूलों में जिन कक्षों में मतदान होना था, वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। बड़े कक्ष में सिर्फ एक बल्ब से उजाला करने की व्यवस्था बुजुर्ग मतदाताओं पर भारी पड़ी। पहले से ही कक्ष में पर्याप्त रोशनी का इंतजाम नहीं और एक कोने में बनाए गए बूथ पर कम रोशनी में अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना बुजुर्ग मतदाताओं के लिए चुनौती बना।
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कनालीछीना की 75 वर्षीय सरस्वती देवी, सतगढ़ की 80 वर्षीय भागीरथी देवी, 85 वर्षीय जय दत्त सहित अन्य कई बुजुर्ग मतदाताओं ने कहा कि मतदान कक्ष और बूथ में पर्याप्त रोशनी न होने से बैलेट पेपर पर अंकित चुनाव चिह्न साफ नजर नहीं आए। यदि किसी से पूछते तो मतदान की गोपनीयता पर असर पड़ता और अन्य प्रत्याशियों में हमारे प्रति नाराजगी भी होती। ऐसे में इस पीड़ा को अपने भीतर रखकर अंदाजन मोहर लगानी पड़ी। चुनाव से पूर्व हुई बैठकों में मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी सहित अन्य जरूरी और मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश तो जारी हुए और इसके दावे भी किए गए। मतदान के दिन इन दावों की हकीकत सामने आई है। पंचायत चुनाव ने सरकारी स्कूलों में बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। संवाद
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छत का टपकना नहीं हुआ बंद तो बदलना पड़ा बूथ
कनालीछीना विकासखंड की सतगढ़ ग्राम पंचायत में जूनियर हाईस्कूल में दो मतदान केंद्र बनाए गए। यह भवन लंबे समय से जर्जर है। दरारें पड़ने से भवन की छत टपक रही है। जब एक कक्ष की छत टपकनी बंद नहीं हुई तो यहां बने मतदान केंद्र को खंड विकास कार्यालय के सभागार में शिफ्ट करना पड़ा। आरओ हिमांशु नौगई ने बताया कि मतदाताओं और मतदान कर्मियों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया।
बुजुर्गों ने मतदान कर दिखाया जोश, युवाओं ने विकास के नाम पर दिया पहला वोट
पहले चरण में जिले के विकासखंड कनालीछीना, डीडीहाट, धारचूला और मुनस्यारी में मतदान हुआ। उम्र के अंतिम पड़ाव में भी मतदान के लिए बुजुर्ग मतदाताओं का जोश कम नहीं हुआ। कोई लाठी के सहारे तो कोई परिजनों की पीठ पर मतदान केंद्र पर पहुंचा। सभी ने कहा, मतदान हमारा संवैधानिक अधिकार है और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी भी। हम अपने गांव और क्षेत्र के विकास के लिए सशक्त प्रत्याशी का चुनाव करने पहुंचे हैं।

युवाओं ने भी मतदान के लिए खासा उत्साह दिखाया। पहली बार वोट देकर युवा उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि जब गांव और जिले का विकास होगा तो यहां रहने वाला हर व्यक्ति विकास की मुख्य धारा से जुड़ेगा। युवाओं ने कहा कि हमने सभी प्रत्याशियों को परखते हुए विकास के नाम पर वोट दिया है। हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। अब हमारे नेताओं को क्षेत्र का विकास करना होगा। संवाद
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