फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Athletes from Pithoragarh are having to make trips to Champawat district for age estimation tests.

Pithoragarh News: एज एस्टीमेशन जांच के लिए पिथौरागढ़ के खिलाड़ियों को लगानी पड़ रही चंपावत जिले की दौड़

Thu, 17 Sep 2026 01:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 17 Sep 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
Athletes from Pithoragarh are having to make trips to Champawat district for age estimation tests.
चंपावत। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर चिकित्सकों और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की कमी की चुनौती अब भी बनी हुई है। खिलाड़ियों को एज एस्टीमेशन जांच कराने के लिए एक जिले से दूसरे जिले की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उनका समय और धन दोनों खर्च हो रहे हैं।
विज्ञापन


करीब छह लाख से अधिक आबादी वाले सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की कमी का खामियाजा खिलाड़ियों को भी भुगतना पड़ रहा है। जिले में बीते पांच साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। ऐसे में प्रदेश और देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रहे खिलाड़ियों को एज एस्टीमेशन जांच के लिए चंपावत जिले के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। बुधवार को जवाहर नवोदय विद्यालय पिथौरागढ़ के छात्र अनसुमन शाही को भी एज एस्टीमेशन जांच के लिए जिला अस्पताल चंपावत पहुंचना पड़ा।
विज्ञापन

अनसुमन ने बताया कि वह बॉक्सर हैं। अगले माह अक्तूबर में उन्हें त्यागराज क्रीड़ा परिसर दिल्ली में होने वाली अंडर 14 आयु वर्ग बॉक्सिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना है। इसके लिए एज एस्टीमेशन जांच कराना जरूरी है। मंगलवार को वह जांच कराने जिला अस्पताल पिथौरागढ़ पहुंचे, लेकिन वहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण जांच नहीं हो सकी। उन्हें चंपावत जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वह बुधवार सुबह छह बजे पिथौरागढ़ से रवाना हुए और करीब 10 बजे चंपावत जिला अस्पताल पहुंचे। यहां भी उन्हें शुक्रवार को आने की बात कहकर उन्हें वापस पिथौरागढ़ भेज दिया गया। उनका कहना है कि जांच के लिए दूसरे जिले में आने से उन्हें काफी परेशानी के साथ अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ा। बावजूद इसके उनका काम नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

खिलाड़ियों को होती है परेशानी
नवोदय विद्यालय के पीईटी बृजेंद्र मौर्या ने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के लिए बच्चों की एज एस्टीमेशन जांच करानी पड़ती है। ऐसे में उन्हें बार-बार चंपावत जिले के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार समय पर एज एस्टीमेशन जांच नहीं हो पाने के कारण बच्चे खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने से वंचित रह जाते हैं।

जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए हर शुक्रवार को एज एस्टीमेशन जांच की जाती है। पिथौरागढ़ से पहुंचे बच्चे का एक्सरे और डेंटल विशेषज्ञ की ओर से जांच कर ली गई है। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी।

डॉ. एचएस ह्यांकी, पीएमएस, जिला अस्पताल चंपावत
एज एस्टीमेशन जांच के लिए डेंटल विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत होती है। पिथौरागढ़ जिले में वर्तमान में रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। यहां सोनोलॉजिस्ट तैनात हैं। इस कारण खिलाड़ियों को एज एस्टीमेशन जांच के लिए नजदीकी जिला चंपावत जाने की सलाह दी जाती है।
- डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed