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सेना के तालाब से सीधे पेयजल लाइन जुड़ेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:38 PM IST
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ठुलीगाड़ में सेना द्वारा बनाया गया तालाब।
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सेना ने ठुलीगाड़ में अपनी आवासीय कालोनी को पानी की सप्लाई करने के लिए जिस तालाब को तैयार किया है अब उसी तालाब से पेयजल लाइन के जरिए पानी ठुलीगाड़ स्थित पंपिंग पेयजल योजना के प्लांट में लाया जाएगा। निवर्तमान जिलाधिकारी डॉ. रंजीत सिन्हा की पिछले दिनों इस संबंध में सेना के अधिकारियों से बात हो चुकी है।
पेयजल निगम जल्दी ही करीब 400 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तालाब से पानी को पंपिंग प्लांट तक लाएगा। इस समय इस तालाब से ठुलीगाड़ पंपिंग योजना को जरूरत के हिसाब से पानी मिल रहा है और पंपों का संचालन किया जा रहा है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि सेना की ओर से बनाए गए इस तालाब की अहमियत अब समझ में आ रही है। ठुलीगाड़ में बेकार बहने वाले पानी का संग्रह कर लिया गया है। इस समय इस तालाब का पानी जरूरत के हिसाब से पंपिंग के लिए भी मिल रहा है।
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उन्होंने कहा कि जल निगम यदि 400 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तालाब का पानी ठुलीगाड़ योजना के पंपों तक पहुंचा देता है तो इससे बड़ी राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सेना के इस तालाब से काफी मदद मिलेगी। इधर, ठुलीगाड़ पंपिंग योजना के पंपों का संचालन फिलहाल हो रहा है। यह बात अलग है कि ठुलीगाड़ में पानी की लगातार कमी हो रही है। यदि प्रशासन पानी के संकट से निपटने के लिए नए विकल्प पर तेजी से काम करता है तो गर्मियों में पानी की कमी से पंप बंद होने की नौबत नहीं आएगी।
पेयजल निगम जल्दी ही करीब 400 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तालाब से पानी को पंपिंग प्लांट तक लाएगा। इस समय इस तालाब से ठुलीगाड़ पंपिंग योजना को जरूरत के हिसाब से पानी मिल रहा है और पंपों का संचालन किया जा रहा है।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि सेना की ओर से बनाए गए इस तालाब की अहमियत अब समझ में आ रही है। ठुलीगाड़ में बेकार बहने वाले पानी का संग्रह कर लिया गया है। इस समय इस तालाब का पानी जरूरत के हिसाब से पंपिंग के लिए भी मिल रहा है।
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उन्होंने कहा कि जल निगम यदि 400 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तालाब का पानी ठुलीगाड़ योजना के पंपों तक पहुंचा देता है तो इससे बड़ी राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सेना के इस तालाब से काफी मदद मिलेगी। इधर, ठुलीगाड़ पंपिंग योजना के पंपों का संचालन फिलहाल हो रहा है। यह बात अलग है कि ठुलीगाड़ में पानी की लगातार कमी हो रही है। यदि प्रशासन पानी के संकट से निपटने के लिए नए विकल्प पर तेजी से काम करता है तो गर्मियों में पानी की कमी से पंप बंद होने की नौबत नहीं आएगी।