Pithoragarh News: जंगल में खो गया हेलिकॉप्टर से उड़ान का सपना, चयनित जमीन जंगलात की निकली; जानें पूरा मामला
डीडीहाट विकासखंड को उड़ान योजना के तहत चयनित किया गया है, लेकिन तीन साल बाद भी हेलीपैड धरातल पर नहीं उतर पाया है। दरअसल जिस जमीन पर हेलीपैड के लिए जमीन चयनित की गई है वह वन विभाग की है, उस पर विभाग ने आपत्ति लगा दी है।
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डीडीहाट के लोगों को हवाई सेवा का सपना दिखाकर इस विकासखंड को उड़ान योजना के तहत चयनित किया गया है, लेकिन तीन साल बाद भी हेलीपैड धरातल पर नहीं उतर पाया है। दरअसल जिस जमीन पर हेलीपैड के लिए जमीन चयनित की गई है वह वन विभाग की है, उस पर विभाग ने आपत्ति लगा दी है। ऐसे में यहां हेलिकॉप्टर सेवा का सपना हवाई होता नजर आ रहा है। दुर्गम इलाकों के लोगों को हवाई सेवा का लाभ देने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उड़ान योजना शुरू की गई है। डीडीहाट विकासखंड को भी योजना में शामिल किया गया है। इसके लिए विकासखंड मुख्यालय से 10 किमी दूर ननपापू में तीन साल पूर्व भूमि का चयन किया गया था। बाकायदा आरडब्ल्यूडी को 70 लाख रुपये भी जारी किए गए। कार्यदायी संस्था ने निविदाएं आमंत्रित कीं।
जब चयनित जमीन का समतलीकरण का कार्य शुरू किया गया तो पता चला कि यह जमीन वन विभाग की है। वन विभाग ने हेलीपैड का काम रुकवा दिया तो उड़ान योजना की भी हवा निकल गई। एक साल से हेलीपैड का निर्माण कार्य बंद है और क्षेत्र की 40,000 से अधिक की आबादी हेलिकॉप्टर का इंतजार कर रही है। हेलिकॉप्टर सेवा का लाभ लेने के लिए क्षेत्र के लोगों को 50 किमी दूर जिला मुख्यालय या 100 किमी दूर मुनस्यारी जाना पड़ता है।
हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होती हो पर्यटन को लगते पंख
डीडीहाट पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां से पर्यटक मुनस्यारी और धारचूला के लिए आवाजाही करते हैं। बीते दिनों यहां से हिमालय शृंखला में नई ऊं आकृति नजर आई जिससे क्षेत्र चर्चाओं में है। इसकी एक झलक पाने के लिए हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। यदि हेली सेवा शुरू हो जाती तो पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होता जिससे पर्यटन कारोबार को बढ़ावा भी मिलता। इसके अलावा सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों को भी इसका लाभ मिलता।
ननपापू में निर्माणाधीन हेलीपैड के लिए वन विभाग से भूमि हस्तांतरित हो चुकी है। शासन से संबंधित पत्रावली मिलते ही हेलीपैड का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। - पंकज कुमार, ईई, आरडब्ल्यूडी, डीडीहाट