Lockdown: दिल्ली समेत अन्य राज्यों से पिथौरागढ़ पहुंचे सैकड़ों लोग, जांच के बाद किया क्वारंटीन
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दिल्ली समेत देश के विभिन्न राज्यों में फंसे लोग अब घर लौटने लगे हैं। रविवार को सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग शहरों में काम करने वाले युवक बसों से पिथौरागढ़ पहुंचे। इन सभी लोगों की एंचोली में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की। सभी लोगों के लिए प्रशासन की ओर से भोजन की व्यवस्था भी की गई।
जांच के बाद सभी को क्वारंटीन किया जा रहा है। रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत जबकि ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है। गांवों में पहुंचने वाले लोगों को स्कूल, पंचायत घर या अन्य सरकारी भवनों में रखा जा रहा है। ग्राम प्रधानों द्वारा निगरानी की जा रही है।
रविवार की देर शाम तक बसों के पिथौरागढ़ पहुंचने का क्रम जारी था। 31 बसों में लगभग 1200 लोगों के पिथौरागढ़ पहुंचने की संभावना है। वहीं, मैदानी क्षेत्र से पिथौरागढ़ आए 10 लोगों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना जांच को भेजे हैं। रिपोर्ट दो-तीन दिन में आने की संभावना है।
अपने खर्चे से बस बुक कराकर आसाम जा रहे छात्रों को बस चालक ने बीच सड़क पर उतारा
अपने खर्च पर प्राइवेट बस बुक कर देहरादून से आसाम जा रहे छात्रों को चालक ने पूरा भुगतान कैश में ना करने पर सड़क पर उतार दिया। छात्रों ने हंगामा किया तो पुलिस ने मौके पर आकर चालक की खबर ली, तब जाकर बस आसाम के लिए रवाना हो सकी। लॉक डाउन में राजधानी में पढ़ने वाले आसाम के छात्र भी फंसे थे। आसाम सरकार से अनुमति मिलने के बाद करीब 23 छात्रों ने घरों को जाने के लिए अपने खर्च पर एक लाख 80 हजार रुपये में बस बुक की थी। इसमें एक लाख रुपये कैश दिए गए थे। बाकी रकम खाते में ट्रांसफर होनी थी।
शनिवार को बस 23 छात्रों को लेकर तेल लेने आइएसबीटी रोड के पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। तकनीकी कारणों से रकम ट्रांसफर नहीं हुई तो चालक पूरा भुगतान कैश में करने की जिद पर अड़ गया। कैश मिले बिना बस आगे नहीं जायगी। छात्रों ने खूब भरोसा दिलाने की कोशिश की, लेकिन चालक ने जानी मना कर दिया। छात्रों ने बीच सड़क पर उतारने पर नाराजगी जताई।
सूचना पर सीओ सदर अनुज कुमार और इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी वहाँ आ गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चालक छात्रों को लेकर आसाम जाने को राजी हुआ। सीओ ने बताया कि एक लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। बाकी के 80 हजार रुपये बस स्टाफ नकद मांग रहा था। दोनों पक्षों में बातचीत कराकर बस को रवाना किया गया।