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डाक्टरों को संबद्ध करने के विरोध में दिया धरना
अमर उजाला ब्यूूूूराे धारचूला (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:57 PM IST
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डाक्टरों के संबद्धीकरण के विरोध में धारचूला में धरना देते कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
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यहां संयुक्त चिकित्सालय में तैनात दो डाक्टरों को एक साथ पिथौरागढ़ जिला अस्पताल संबद्ध किए जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में ही धरना दिया और तत्काल इन डाक्टरों को वापस लाने की मांग की। कहा गया कि प्रदेश सरकार के मंत्री अपने चहेते डाक्टरों को मनमाने तरीके से संबद्ध करते जा रहे हैं। इससे सीमांत की चिकित्सा सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि सरकार पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर काम कर रही है। जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत ने कहा कि इस मुद्दे पर और उग्र आंदोलन किया जाएगा। कहा गया कि इन डाक्टरों का वेतन तो धारचूला से निकल रहा है लेकिन तैनाती पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में कर दी है। धारचूला अस्पताल में इस समय सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली हो गया है।
एसडीएम आरके पांडे ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बात की और इस समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया। कहा कि जिलाधिकारी को सारी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। धरने पर लाखन सिंह खैर, लक्ष्मी रायपा, नंदा बिष्ट, पार्वती कुंवर, बिंदु रौंकली, अंजु रौकली, अर्चना गुंज्याल, देवकृष्ण फकलियाल, राजेश कुटियाल सहित कई कार्यकर्ता बैठे।
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ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि सरकार पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर काम कर रही है। जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत ने कहा कि इस मुद्दे पर और उग्र आंदोलन किया जाएगा। कहा गया कि इन डाक्टरों का वेतन तो धारचूला से निकल रहा है लेकिन तैनाती पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में कर दी है। धारचूला अस्पताल में इस समय सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली हो गया है।
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एसडीएम आरके पांडे ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बात की और इस समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया। कहा कि जिलाधिकारी को सारी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। धरने पर लाखन सिंह खैर, लक्ष्मी रायपा, नंदा बिष्ट, पार्वती कुंवर, बिंदु रौंकली, अंजु रौकली, अर्चना गुंज्याल, देवकृष्ण फकलियाल, राजेश कुटियाल सहित कई कार्यकर्ता बैठे।
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