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उत्तर पुस्तिका जल्दी जमा करने से भड़के छात्र, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट (पिथौरागढ़)
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:43 PM IST
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उत्तर पुस्तिका जल्दी जमा करने से भड़के छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अस्कोट में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में प्रश्नपत्र एक घंटे देरी से मिलने और कापियां समय से पहले जमा करने से भड़के विद्यार्थियों ने आईटीआई प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों में गुस्सा देखते हुए प्रधानाचार्य को पुलिस बुलानी पड़ी। विद्यार्थियों ने परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है।
सोमवार को आईटीआई में वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन और मोटर फिडर ट्रेड के विद्यार्थियों थी सैद्धांतिक थ्योरी की परीक्षा सुबह 10.30 बजे से होनी थी लेकिन आईटीआई प्रबंधन के पास प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे थे। 11.30 बजे विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र दिया गया। पेपर तीन घंटे का था। परीक्षकों ने दो बजे ही कापी ले ली। आधा घंटे पहले उत्तर पुस्तिका जमा करने से परीक्षार्थी भड़क उठे।
छात्रों ने अतिरिक्त समय देने की मांग की, जो आईटीआई प्रबंधन ने नहीं सुनी। गुस्साए 78 परीक्षार्थियों ने परिसर में ही प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करनी प्रारंभ कर दी। यह लोग दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। परीक्षार्थी हरीश कार्की, रोशन पाल, दीपक पाल, परवीन बसेड़ा, धर्मेंद्र धामी, गोविंद ऐरी आदि का कहना था कि दुबारा परीक्षा नहीं कराई गई तो उन लोगों का भविष्य चौपट हो जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्र शांत हुए। प्रभारी प्रधानाचार्य नवीन चंद्र पंत का कहना है कि पिथौरागढ़ से पेपर लेट आया। बांटने में कुछ देरी हुई। उनको आधा घंटा अतिरिक्त समय दे दिया गया था। परीक्षा में सख्ती बरतने से छात्र भड़के थे।
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सोमवार को आईटीआई में वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन और मोटर फिडर ट्रेड के विद्यार्थियों थी सैद्धांतिक थ्योरी की परीक्षा सुबह 10.30 बजे से होनी थी लेकिन आईटीआई प्रबंधन के पास प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे थे। 11.30 बजे विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र दिया गया। पेपर तीन घंटे का था। परीक्षकों ने दो बजे ही कापी ले ली। आधा घंटे पहले उत्तर पुस्तिका जमा करने से परीक्षार्थी भड़क उठे।
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छात्रों ने अतिरिक्त समय देने की मांग की, जो आईटीआई प्रबंधन ने नहीं सुनी। गुस्साए 78 परीक्षार्थियों ने परिसर में ही प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करनी प्रारंभ कर दी। यह लोग दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। परीक्षार्थी हरीश कार्की, रोशन पाल, दीपक पाल, परवीन बसेड़ा, धर्मेंद्र धामी, गोविंद ऐरी आदि का कहना था कि दुबारा परीक्षा नहीं कराई गई तो उन लोगों का भविष्य चौपट हो जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्र शांत हुए। प्रभारी प्रधानाचार्य नवीन चंद्र पंत का कहना है कि पिथौरागढ़ से पेपर लेट आया। बांटने में कुछ देरी हुई। उनको आधा घंटा अतिरिक्त समय दे दिया गया था। परीक्षा में सख्ती बरतने से छात्र भड़के थे।
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