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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट-लिपुलेख सड़क में ठुलगैर के पास नौ माह बाद भी नहीं उठाया मलबा
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट- लिपुलेख सड़क में ठुलगैर के पास आया मलबा।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/धारचूला। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धारचूला ब्लॉक के तवाघाट-लिपुलेख सड़क में वर्तीघाट के पास ठुलगैर नामक स्थान पर नौ माह से सड़क में गिरा मलबा नहीं हटाया गया है। इस कारण वाहनों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सड़क से शीघ्र मलबा हटाने की मांग की है।
चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख सड़क में वर्तीघाट के पास बरसात में आया मलबा नौ माह बाद भी नहीं हटाया गया है। इस जगह पर ऊपर से पहाड़ी टूट कर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हुआ है। यहां पर आवाजाही के लिए मात्र चार फुट जगह बची है। नीचे काली नदी बह रही है। ऊपर से मलबा और पत्थर गिरने का भय बना रहता है। इस कारण वाहनों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थान पर ऊपर से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना है।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बीआरओ के चीफ इंजीनियर और डीएम पिथौरागढ़ को पत्र लिखकर सड़क से मलबा हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस स्थान पर 400 मीटर सड़क मलबे से पटी है। जान हथेली पर रखकर वाहन और पैदल राहगीर आर-पार जा रहे हैं। हल्की सी बारिश में ऊपर से पत्थर का मलबा नीचे आ रहा है। इसे साफ करके मात्र वाहनों का आवागमन सुचारु किया जा रहा है। इस स्थान पर पहाड़ी से आए मलबे को साफ कर चौड़ा करने की जरूरत है। ताकि आवागमन सुचारु और सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने ग्रिफ के चीफ इंजीनियर और डीएम से 15 दिन के भीतर सड़क से मलबा हटाने की मांग की है। अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख सड़क में वर्तीघाट के पास बरसात में आया मलबा नौ माह बाद भी नहीं हटाया गया है। इस जगह पर ऊपर से पहाड़ी टूट कर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हुआ है। यहां पर आवाजाही के लिए मात्र चार फुट जगह बची है। नीचे काली नदी बह रही है। ऊपर से मलबा और पत्थर गिरने का भय बना रहता है। इस कारण वाहनों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थान पर ऊपर से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना है।
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जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बीआरओ के चीफ इंजीनियर और डीएम पिथौरागढ़ को पत्र लिखकर सड़क से मलबा हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस स्थान पर 400 मीटर सड़क मलबे से पटी है। जान हथेली पर रखकर वाहन और पैदल राहगीर आर-पार जा रहे हैं। हल्की सी बारिश में ऊपर से पत्थर का मलबा नीचे आ रहा है। इसे साफ करके मात्र वाहनों का आवागमन सुचारु किया जा रहा है। इस स्थान पर पहाड़ी से आए मलबे को साफ कर चौड़ा करने की जरूरत है। ताकि आवागमन सुचारु और सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने ग्रिफ के चीफ इंजीनियर और डीएम से 15 दिन के भीतर सड़क से मलबा हटाने की मांग की है। अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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