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Pithoragarh News: चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह माह का साधारण कारावास
Thu, 26 Dec 2024 03:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 26 Dec 2024 03:37 AM IST
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अदालत का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तान्या मिड्ढ़ा की अदालत ने चेक का अनादर (चेक बाउंस) के मामले में दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध को 2,45,000 रुपये का अर्थदंड भी चुकाना होगा। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
मामले के अनुसार 23 अक्टूबर 2021 को आपसी जान पहचान होने पर जगमोहन सिंह ने व्यापारी दीपक सिंह को नौ लाख रुपये उधार दिए थे। उसने छह महीने के भीतर धनराशि वापस करने का आश्वासन दिया था। छह महीने बीतने के बाद उसने व्यापार में नुकसान होने की बात कहकर भारतीय स्टेट बैंक का सात लाख रुपये का चेक दिया था। शेष धनराशि वापस करने को कहे जाने पर उसने केनरा बैंक का दो लाख रुपये का चेक दिया। रुपये निकालने के लिए बैंक में लगाए जाने पर खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने पर चेक को अनादरित कर दिया।
सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तान्या मिड्ढ़ा की अदालत ने सभी पक्षों और गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी को चेक का अनादर करने के जुर्म में दोष सिद्ध किया। दोष सिद्ध को 2,45,000 रुपये का अर्थदंड चुकाना होगा। अर्थदंड की राशि में से 2,40,000 रुपये जगमोहन सिंह को प्रतिकर के रूप में देने होंगे। शेष धनराशि राजकोष में जमा की जाएगी। राज्य कोष में धनराशि जमा नहीं करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तान्या मिड्ढ़ा की अदालत ने चेक का अनादर (चेक बाउंस) के मामले में दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध को 2,45,000 रुपये का अर्थदंड भी चुकाना होगा। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
मामले के अनुसार 23 अक्टूबर 2021 को आपसी जान पहचान होने पर जगमोहन सिंह ने व्यापारी दीपक सिंह को नौ लाख रुपये उधार दिए थे। उसने छह महीने के भीतर धनराशि वापस करने का आश्वासन दिया था। छह महीने बीतने के बाद उसने व्यापार में नुकसान होने की बात कहकर भारतीय स्टेट बैंक का सात लाख रुपये का चेक दिया था। शेष धनराशि वापस करने को कहे जाने पर उसने केनरा बैंक का दो लाख रुपये का चेक दिया। रुपये निकालने के लिए बैंक में लगाए जाने पर खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने पर चेक को अनादरित कर दिया।
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सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तान्या मिड्ढ़ा की अदालत ने सभी पक्षों और गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी को चेक का अनादर करने के जुर्म में दोष सिद्ध किया। दोष सिद्ध को 2,45,000 रुपये का अर्थदंड चुकाना होगा। अर्थदंड की राशि में से 2,40,000 रुपये जगमोहन सिंह को प्रतिकर के रूप में देने होंगे। शेष धनराशि राजकोष में जमा की जाएगी। राज्य कोष में धनराशि जमा नहीं करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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