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Pithoragarh News: कागज के दाम बढ़ने से 20 फीसदी तक महंगी हुईं कापी-किताबें
Fri, 31 Mar 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 31 Mar 2023 11:09 PM IST
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पिथौरागढ़। कागज के दाम बढ़ने से इस बार कापी-किताबों के दाम बीस फीसदी तक बढ़ गए हैं। इस कारण नए शिक्षा सत्र में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
हर माह मोटी फीस देने का बोझ तो सभी अभिभावकों पर सालभर रहता ही है। नए सत्र में प्रवेश शुल्क की मार भी उन पर पड़ती है। इस बार कागज महंगा होने से कापी-किताबों पर भी अभिभावकों को बीस प्रतिशत अधिक खर्च करना होगा। इससे सीमित आय वाले परिवारों का बजट गड़बड़ा सकता है।
कापी-किताबों के अलावा बस्ते, पैन, पेंसिल सहित अन्य लेखन सामग्री के लिए भी अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। कापी-किताब के थोक और रिटेल विक्रेता मनोज जनरल स्टोर के स्वामी मनोज पांडेय ने बताया कि कागज के दाम बढ़ने से सभी कापी-किताबों में बीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
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अभिभावकों ने शुरू की खरीदारी
पिथौरागढ़। परीक्षाफल वितरण के साथ ही पहली अप्रैल से नई कक्षाओं में प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके लिए अभिभावकों ने कापी-किताबों की खरीदारी शुरू कर दी है। नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी से लेकर 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अभिभावक कापी-किताबें खरीदने के लिए स्टेशनरी की दुकानों में पहुंचने लगे हैं। कापी-किताबों का सेट 1000, 1200, 1500 से लेकर 2500 रुपये तक पड़ रहा है। संवाद
कापी-किताबों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जिन अभिभावकों के दो-तीन बच्चे हैं उनके लिए प्रवेश शुल्क, कापी-किताबों, ड्रेस सहित अन्य वस्तुओं की खरीदारी करना आसान नहीं है। सामान्य परिवारों का बजट गड़बड़ा जाता है। -कमल सूंठा, अभिभावक।
................
कागज का मूल्य बढ़ाने के बजाय सरकार को इसमें कमी करनी चाहिए ताकि कापी-किताब सस्ते हो सकें। कापी-किताब महंगे होने से सीमित आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। -रजनी, अभिभावक
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हर माह मोटी फीस देने का बोझ तो सभी अभिभावकों पर सालभर रहता ही है। नए सत्र में प्रवेश शुल्क की मार भी उन पर पड़ती है। इस बार कागज महंगा होने से कापी-किताबों पर भी अभिभावकों को बीस प्रतिशत अधिक खर्च करना होगा। इससे सीमित आय वाले परिवारों का बजट गड़बड़ा सकता है।
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कापी-किताबों के अलावा बस्ते, पैन, पेंसिल सहित अन्य लेखन सामग्री के लिए भी अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। कापी-किताब के थोक और रिटेल विक्रेता मनोज जनरल स्टोर के स्वामी मनोज पांडेय ने बताया कि कागज के दाम बढ़ने से सभी कापी-किताबों में बीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
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पिथौरागढ़। परीक्षाफल वितरण के साथ ही पहली अप्रैल से नई कक्षाओं में प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके लिए अभिभावकों ने कापी-किताबों की खरीदारी शुरू कर दी है। नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी से लेकर 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अभिभावक कापी-किताबें खरीदने के लिए स्टेशनरी की दुकानों में पहुंचने लगे हैं। कापी-किताबों का सेट 1000, 1200, 1500 से लेकर 2500 रुपये तक पड़ रहा है। संवाद
कापी-किताबों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जिन अभिभावकों के दो-तीन बच्चे हैं उनके लिए प्रवेश शुल्क, कापी-किताबों, ड्रेस सहित अन्य वस्तुओं की खरीदारी करना आसान नहीं है। सामान्य परिवारों का बजट गड़बड़ा जाता है। -कमल सूंठा, अभिभावक।
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कागज का मूल्य बढ़ाने के बजाय सरकार को इसमें कमी करनी चाहिए ताकि कापी-किताब सस्ते हो सकें। कापी-किताब महंगे होने से सीमित आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। -रजनी, अभिभावक