ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज सेवा न होने से दिक्कतें
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रोडवेज की ओर से ग्रामीण सड़क संपर्क मार्गों में यात्री बसों का संचालन न किए जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोहाघाट डिपो में लगभग 36 बसें ऑन रोड रहती हैं, लेकिन उसमें 95 फीसदी बसें बरेली, दिल्ली, देहरादून आदि स्थानों के लिए संचालित की जाती हैं। लोकल मार्गों में केवल पंचेश्वर सड़क पर ही बस का संचालन किया जाता है। मूलाकोट से चंपावत चलने वाली केमू की बस बंद होने के बाद यहां के लोगों ने रोडवेज प्रशासन से बस सेवा शुरू करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता हरी सिंह अधिकारी का कहना है कि मूलाकोट ग्रामीण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है, यहां से रोडवेज की चंपावत और हल्द्वानी के लिए बसें संचालित की जानी चाहिए।
रोडवेज की ओर से यहां 343 छात्राओं को मुफ्त बस सेवा के पास जारी किए गए हैं, लेकिन बसों का संचालन न होने से छात्राएं उनका कोई उपयोग नहीं कर पा रही हैं। छात्रा उपाध्यक्ष शिवानी अधिकारी का कहना है कि रोडवेज के एआरएम कार्यालय द्वारा 2014 में 343 छात्राओं के लिए पास जारी किए गए थे, लेकिन रोडवेज की किसी भी मार्ग में बस सेवा संचालित नहीं होती है। टनकपुर से रीठासाहिब जाने वाली बस जहां अनियमित रहती है, वहीं यह बस ऐसे समय चलती है, जिसका छात्राओं को कोई लाभ नहीं है।
बस संख्या बढ़ने पर देंगे सुविधा
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के एजीएम श्रीराम कौशल का कहना है कि छात्राआें को पास रोडवेज की उपलब्ध बसों के आधार पर ही जारी किए गए हैं। डिपो में 44 में से 36 बसें चल रही हैं। बसों के अभाव के कारण ग्रामीण संपर्क मार्गों में बसों का संचालन संभव नहीं है। अलबत्ता बसों की संख्या बढ़ने पर गांवों में भी बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।