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रालीला
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 20 Oct 2015 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, थल, बेड़ीनाग, मुनस्यारी में रामलीला जारी है। पिथौरागढ़ के टकाना और सदर की रामलीला में सीता हरण, राम के सबरी आश्रम पहुंचने तक की लीला का मंचन किया गया। सीता के वियोग में राम विलाप करते हुए कहते हैं ‘हाय तुम काहे डुलाओ, मोहे न बताओ वीर सिया प्राणों से प्यारी है’। ‘पंचवटी देखि लीन कुटि सारी, पायो न प्यारी को वास, क्या तोहे ले गयो कोई निशाचर या तू उड़ी आकाश’। राम का करुण विलाप हर किसी के दिल को छू गया। सबरी भगवान राम को ऋष्यमूक पर्वत जाकर सुग्रीव से मित्रता करने की सलाह देती हैं।
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