{"_id":"669ff0767a07ebc8ec02e3b4","slug":"ramganga-overflows-dancing-shiv-temple-in-danger-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-115881-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: रामगंगा उफनाई, खतरे में नाचनी शिवमंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: रामगंगा उफनाई, खतरे में नाचनी शिवमंदिर
Tue, 23 Jul 2024 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 23 Jul 2024 11:33 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
पिथौरागढ़/नाचनी। सीमांत जिले में मंगलवार को मौसम खुशनुमा रहा। सुबह हल्की बारिश हुई लेकिन उसके बाद हल्की धूप निकल आई। जिले में एक सीमा समेत ग्रामीण क्षेत्र की 22 सड़कें अभी भी बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नाचनी में उफनाई रामगंगा से शिव मंदिर परिसर खतरे की जद में आ गया है। परिसर में स्थित पौराणिक देवी मंदिर तक कटाव हो गया है। मंदिर की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। मंदिर में भी दरारें आ गई हैं। परिसर में स्थित, शनि मंदिर, संतोषी माता, राधा-कृष्ण, राम दरबार, काल भैरव, शिव मंदिर के लिए भी खतरा हो गया है।
परिसर से लगे शिवालय वार्ड में शिशु मंदिर सहित दस परिवारों को भी खतरा है। शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह बथियाल ने बताया कि सिंचाई विभाग ने मंदिर परिसर से आगे बाजार की ओर रामगंगा किनारे 600 मीटर क्षेत्र में तटबंध बनाए लेकिन परिसर से 100 मीटर भुजगड़ संगम तक का क्षेत्र छोड़ दिया।
विज्ञापन
उन्हाेंने कहा कि यदि तटबंध का निर्माण नहीं हुआ तो मंदिर समेत बड़ी आबादी आपदा की भेंट चढ़ जाएगी। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विन्यन रावत और एसएस बिष्ट ने बताया कि मंदिर परिसर का निरीक्षण कर लिया गया है। भुजगड़ संगम तक 100 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा तटबंध का निर्माण होना आवश्यक है। कहा कि इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 11.50 मिमी
बेड़ीनाग 16 मिमी
डीडीहाट 10.80 मिमी
धारचूला 17.60 मिमी
मुनस्यारी 7.20 मिमी
बंगापानी 47 मिमी
तेजम 66 मिमी
थल 20 मिमी
देवलथल 17 मिमी
विज्ञापन
नाचनी में उफनाई रामगंगा से शिव मंदिर परिसर खतरे की जद में आ गया है। परिसर में स्थित पौराणिक देवी मंदिर तक कटाव हो गया है। मंदिर की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। मंदिर में भी दरारें आ गई हैं। परिसर में स्थित, शनि मंदिर, संतोषी माता, राधा-कृष्ण, राम दरबार, काल भैरव, शिव मंदिर के लिए भी खतरा हो गया है।
विज्ञापन
परिसर से लगे शिवालय वार्ड में शिशु मंदिर सहित दस परिवारों को भी खतरा है। शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह बथियाल ने बताया कि सिंचाई विभाग ने मंदिर परिसर से आगे बाजार की ओर रामगंगा किनारे 600 मीटर क्षेत्र में तटबंध बनाए लेकिन परिसर से 100 मीटर भुजगड़ संगम तक का क्षेत्र छोड़ दिया।
विज्ञापन
उन्हाेंने कहा कि यदि तटबंध का निर्माण नहीं हुआ तो मंदिर समेत बड़ी आबादी आपदा की भेंट चढ़ जाएगी। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विन्यन रावत और एसएस बिष्ट ने बताया कि मंदिर परिसर का निरीक्षण कर लिया गया है। भुजगड़ संगम तक 100 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा तटबंध का निर्माण होना आवश्यक है। कहा कि इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 11.50 मिमी
बेड़ीनाग 16 मिमी
डीडीहाट 10.80 मिमी
धारचूला 17.60 मिमी
मुनस्यारी 7.20 मिमी
बंगापानी 47 मिमी
तेजम 66 मिमी
थल 20 मिमी
देवलथल 17 मिमी