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हरेला संस्था ने तैयार किया बुरांश का गुलाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 10 Mar 2017 10:19 PM IST
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पिथौरागढ़ में बुरांश से बना गुलाल बेचते हरेला संस्था के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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हरेला संस्था ने इस बार की होली में जैविक रंगों को तैयार किया है। पहाड़ पर इस समय खिलने वाले बुरांश के फूलों के रस से विशेष प्रकार का गुलाल तैयार किया है। गुलाल को कुल्हड़ में रखकर और कपड़े की थैलियों में पैक कर बेचा जा रहा है। पैकेजिंग में प्लास्टिक का कतई प्रयोग नहीं किया गया है। नगर के सिमलगैर बाजार में स्टाल लगाकर बुरांश से बने गुलाल को बेचा जा रहा है। यही नहीं बुरांश से तैयार किए गए गुलाल को दिल्ली और देहरादून में पर्वतीय समाज के लोगों को भी भेजा गया है।
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बुरांश राज्य पुष्प है। बुरांश के फूलों से जूस तैयार होता है, लेकिन पहली बार हरेला संस्था ने बुरांश का गुलाल तैयार कर नया प्रयोग किया है। यह गुलाल पूरी तरह जैविक है। इसमें किसी प्रकार के केमिकल का मिश्रण नहीं किया गया है। गुलाल को लगाने से त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता। हरेला संस्था के मनोज मटवाल ने बताया कि पहाड़ के लोग बुरांश के गुणों के बारे में भलीभांति परिचित हैं।
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बुरांश से तैयार होली के इन उत्पादों को फागुन नाम से बाजार में लाया गया है। कुछ स्कूलों के बच्चों के माध्यम से भी यह सामग्री तैयार की गई। मटवाल ने बताया कि इस बार करीब 20 किलो बुरांश का गुलाल तैयार किया गया है। अगली बार से लोगों को प्रेरित किया जाएगा, ताकि वह इसे आजीविका का साधन बना सकें। करीब डेढ़ सौ युवाओं की टीम हरेला संस्था के साथ काम करती है।
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