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पेड़-पौधों की जान भी ले रहा है बारहमासी सड़क का मलबा
Fri, 11 Jan 2019 10:52 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 11 Jan 2019 10:52 PM IST
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घाट में इस तरह लढ़का दिया जा रहा सरयू में मलबा।
- फोटो : पिथौरागढ़
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बारहमासी सड़क से निकले मलबे को सरयू नदी में डंप करने से भारी संख्या में पेड़ भी नष्ट हो रहे हैं। गुरना और घाट के बीच यह साफ देखने को मिल भी रहा है। नदी से लेकर सड़क तक के मलबे का अन्य कई पौधे भी शिकार हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में सड़क चौड़ीकरण से निकले मलबे को सीधे नदी की ओर फेंक देना आम बात है। गुरना और घाट के बीच कई स्थानों में मलबे से वनस्पति को भारी नुकसान हुआ है। घाट से ऊपर एक स्थान पर खाई में फेंके गए मलबे से कई पेड़ धराशायी हो गए हैं।
डीएम की जांच पर टिकी नजर
सरयू नदी में मलबा डालने आदि की जांच कराने का निर्णय जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदांडे ने लिया है। एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने नदी में मलबा डालने पर ठेकेदार को नोटिस जारी कर ठेकेदार पर जुर्माना लगाने का एलान किया है। ठेकेदार को नदी से मलबा हटाने के साथ ही नदी में मलबा गिरने से रोकने के लिए दीवार लगाने के निर्देश दिए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनडीटी) और उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के इस मामले में सबकी नजर जिलाधिकारी की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
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कांग्रेस एनजीटी ले जाएगी मामला
पिथौरागढ़। कांग्रेस के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने बारहमासी सड़क में सरयू नदी के साथ ही पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के पास ले जाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए तथ्य जुटा लिए गए हैं। शीघ्र ही एनजीटी से शिकायत की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में सड़क चौड़ीकरण से निकले मलबे को सीधे नदी की ओर फेंक देना आम बात है। गुरना और घाट के बीच कई स्थानों में मलबे से वनस्पति को भारी नुकसान हुआ है। घाट से ऊपर एक स्थान पर खाई में फेंके गए मलबे से कई पेड़ धराशायी हो गए हैं।
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डीएम की जांच पर टिकी नजर
सरयू नदी में मलबा डालने आदि की जांच कराने का निर्णय जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदांडे ने लिया है। एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने नदी में मलबा डालने पर ठेकेदार को नोटिस जारी कर ठेकेदार पर जुर्माना लगाने का एलान किया है। ठेकेदार को नदी से मलबा हटाने के साथ ही नदी में मलबा गिरने से रोकने के लिए दीवार लगाने के निर्देश दिए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनडीटी) और उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के इस मामले में सबकी नजर जिलाधिकारी की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
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कांग्रेस एनजीटी ले जाएगी मामला
पिथौरागढ़। कांग्रेस के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने बारहमासी सड़क में सरयू नदी के साथ ही पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के पास ले जाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए तथ्य जुटा लिए गए हैं। शीघ्र ही एनजीटी से शिकायत की जाएगी।