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दीपक ने खूबसूरत पार्क में बदल दिए बंजर पड़े खेत
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कुमैय्याचौड़ में बना पर्यटन स्थल।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के एक युवा उद्यमी ने बंजर खेतों को खूबसूरत पार्क की शक्ल दे दी। झूले और स्वीमिंग पूल सहित तमाम खूबियों वाला यह स्थल पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पर्यटन स्थल में 12 स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है।
पिथौरागढ़ के कुम्डार गांव निवासी दीपक भट्ट पहले रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करते थे। कोरोना के कारण लॉकडाउन में कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया। इसके बावजूद दीपक ने हार नहीं मानी और खेती बागवानी में नया करने की ठानते हुए जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर कुमैय्या चौड़ गांव में बंजर पड़ी जमीन में पहले जैविक सब्जी का उत्पादन शुरू किया। इसके साथ-साथ वह इस जमीन को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित करते रहे। जो कर्मी उनके साथ पहले से जुड़े थे उन्हें भी बेरोजगार नहीं होने दिया और सभी को साथ लेकर एक साल में खेतों को पार्क की शक्ल दे दी। चंडिका मंदिर परिसर के निकट बने इस पर्यटन स्थल से हिमालय का विहंगम दृश्य नजर आता है। यहां से पंचाचूली और नंदा देवी की चोटियां साफ दिखाई देती हैं। पर्यटकों के लिए इस पार्क में दो स्वीमिंग पूल और छोटे-छोटे हट्स भी बनाए गए हैं। दो सेल्फी प्वाइंट भी हैं। कोरोना काल में दो साल तक घरों में कैद रहे शहर और गांवों के लोगों को यह स्थल काफी भा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वर्मा का कहना है कि पहाड़ में युवाओं के इस तरह के प्रयास रोजगार तो देंगे ही गांवों से पलायन को रोकने में भी सहायक होंगे।
भविष्य में पर्यटन में ही सबसे अधिक संभावना है। हमारा यह प्रयास लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यहां पर जो भी पर्यटक आ रहे हैं उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र रॉक क्लाइंबिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। - दीपक भट्ट
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पिथौरागढ़ के कुम्डार गांव निवासी दीपक भट्ट पहले रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करते थे। कोरोना के कारण लॉकडाउन में कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया। इसके बावजूद दीपक ने हार नहीं मानी और खेती बागवानी में नया करने की ठानते हुए जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर कुमैय्या चौड़ गांव में बंजर पड़ी जमीन में पहले जैविक सब्जी का उत्पादन शुरू किया। इसके साथ-साथ वह इस जमीन को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित करते रहे। जो कर्मी उनके साथ पहले से जुड़े थे उन्हें भी बेरोजगार नहीं होने दिया और सभी को साथ लेकर एक साल में खेतों को पार्क की शक्ल दे दी। चंडिका मंदिर परिसर के निकट बने इस पर्यटन स्थल से हिमालय का विहंगम दृश्य नजर आता है। यहां से पंचाचूली और नंदा देवी की चोटियां साफ दिखाई देती हैं। पर्यटकों के लिए इस पार्क में दो स्वीमिंग पूल और छोटे-छोटे हट्स भी बनाए गए हैं। दो सेल्फी प्वाइंट भी हैं। कोरोना काल में दो साल तक घरों में कैद रहे शहर और गांवों के लोगों को यह स्थल काफी भा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वर्मा का कहना है कि पहाड़ में युवाओं के इस तरह के प्रयास रोजगार तो देंगे ही गांवों से पलायन को रोकने में भी सहायक होंगे।
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भविष्य में पर्यटन में ही सबसे अधिक संभावना है। हमारा यह प्रयास लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यहां पर जो भी पर्यटक आ रहे हैं उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र रॉक क्लाइंबिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। - दीपक भट्ट
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