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क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 13 Dec 2016 10:00 PM IST
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डीडीहाट में आपदा के दौरान टूटी पेयजल लाइन
- फोटो : अमर उजाला
एक जुलाई को भीषण आपदा के समय क्षतिग्रस्त ग्रामीण क्षेत्र की एकल और स्वैप योजना की पेयजल लाइनों की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण इन योजनाओं से आच्छादित गांवों में पेयजल संकट होने लगा है।
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तीस जून की रात और एक जुलाई के दिन डीडीहाट तहसील में आई आपदा से दूनाकोट, देवीसूना, चौबाटी, भड़गांव, बसौरा, लोदपट्टा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों की पेयजल योजना पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इनमें से कई योजनाएं ग्रामीण एकल पेयजल योजना के अंतर्गत आती हैं। इन योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। बरसात के समय तक ग्रामीण बरसाती पानी से काम चला रहे थे, लेकिन अब दो माह से बारिश न होने से ग्रामीण एक से दो किमी दूर पैदल जाकर पानी ढो रहे थे।
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अब उन प्राकृतिक स्रोतों में भी पानी सूखने की कगार पर आ गया है। किरोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश कन्याल का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने के बाद लोग अब गांव छोड़ने का मन बनाने लगे हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि अब तक 70 ग्रामीण पेयजल योजनाओं के आगणन आपदा मद से स्वीकृति के लिए शासन को भेजे जा चुके हैं। अब तक मरम्मत के लिए धन नहीं मिला है।
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