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Pithoragarh News: न ही बसंत को मालूम कि कब खिली थी प्योली...
Mon, 26 Feb 2024 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 26 Feb 2024 10:39 PM IST
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काव्य गोष्ठी में डॉ. पीतांबर अवस्थी को सम्मानित करते कवि एवं साहित्यकार। स्रोत : स्वयं
पिथौरागढ़। ज्ञान प्रकाश संस्कृत पुस्तकालय में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियित्री आशा सौन ने अपनी कविता नहीं बसंत को मालूम कि कब खिली थी प्योली, कब आया बुरांश अपने शबाब पर कविता का वाचन कर काव्य गोष्ठी की शुरुआत की।
अनु जोशी ने चेली छू मैं, बाज्यू को मान छू। अम्मा बूबू क लाड़ छू का पाठ किया। अनीता जोशी ने हास्य व्यंग्य कविता हो गया इंटरनेट पर प्यार, लव का भला करे करतार, डाॅ. प्रमोद श्रोत्रिय ने पुरवाई का मन आज फिर चंचल हुआ, रात परियों ने प्रफुल्लित पुष्प बांटे, डाॅ. आनंदी जोशी ने अचानक अंधकार का दामन थामे, सर्द हवा का एक झौंका आया, लक्ष्मी आर्या ने ए खुदा होश में रखना मुझे इस दुनिया के मयखाने में कविता सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। डाॅ. पीतांबर अवस्थी ने नेता दलदल में फंसे अंट शंट बक गाएं, बने प्रवक्ता ढाल तब शकुनि चरित दिखलाएं से राजनीति पर तंज कसा।
युवा कवि नीरज चंद्र जोशी ने भीड़ के पीछे चलना मुझे कभी भाया नहीं, चकाचौंध में दौलत की मैं कभी आया नहीं प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी का समापन किया। इस अवसर पर जया लोहनी, हेमा आदि उपस्थित थे। गोष्ठी में साहित्यकारों और कवियों ने नेपाल में आयोजित सम्मेलन में प्रतिभाग कर लौटे डाॅ. पीतांबर अवस्थी को स्मृति चिह्न देकर और शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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फोटो: 26पीटीएच 19पी- काव्य गोष्ठी में डॉ.अवस्थी को सम्मानित करते कवि एवं साहित्यकार। स्रोत: स्वयं
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अनु जोशी ने चेली छू मैं, बाज्यू को मान छू। अम्मा बूबू क लाड़ छू का पाठ किया। अनीता जोशी ने हास्य व्यंग्य कविता हो गया इंटरनेट पर प्यार, लव का भला करे करतार, डाॅ. प्रमोद श्रोत्रिय ने पुरवाई का मन आज फिर चंचल हुआ, रात परियों ने प्रफुल्लित पुष्प बांटे, डाॅ. आनंदी जोशी ने अचानक अंधकार का दामन थामे, सर्द हवा का एक झौंका आया, लक्ष्मी आर्या ने ए खुदा होश में रखना मुझे इस दुनिया के मयखाने में कविता सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। डाॅ. पीतांबर अवस्थी ने नेता दलदल में फंसे अंट शंट बक गाएं, बने प्रवक्ता ढाल तब शकुनि चरित दिखलाएं से राजनीति पर तंज कसा।
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युवा कवि नीरज चंद्र जोशी ने भीड़ के पीछे चलना मुझे कभी भाया नहीं, चकाचौंध में दौलत की मैं कभी आया नहीं प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी का समापन किया। इस अवसर पर जया लोहनी, हेमा आदि उपस्थित थे। गोष्ठी में साहित्यकारों और कवियों ने नेपाल में आयोजित सम्मेलन में प्रतिभाग कर लौटे डाॅ. पीतांबर अवस्थी को स्मृति चिह्न देकर और शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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फोटो: 26पीटीएच 19पी- काव्य गोष्ठी में डॉ.अवस्थी को सम्मानित करते कवि एवं साहित्यकार। स्रोत: स्वयं