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आदि कैलाश यात्रा शुरू न होने से होम स्टे संचालक मायूस
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धारचूला में व्यास घाटी के नाबी गांव में होम स्टे।
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश यात्रा शुरू न होने से होम स्टे संचालक बेहद परेशान हैं। होम स्टे सूने हैं। इससे उन्हें लाखों की आर्थिक मार पड़ रही है। होम स्टे संचालकों ने आदि कैलाश यात्रा शुरू कराने की मांग की है।
व्यास घाटी के 50 से अधिक होम स्टे संचालक और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग कोविड 19 की मार से नहीं उबर सके हैं। उन्हें उम्मीद थी कि अनलॉक के बाद आदि कैलाश यात्रा भी शुरू होगी, लेकिन ऐसा न होने से वह बेहद परेशान हैं। हालांकि कोरोना टीकाकरण के कारण उन्हें जल्द यात्रा शुरू होने की आस अवश्य है।
आदि कैलाश यात्रा कोविड 19 के कारण बंद है। इसके चलते परिवार पालना मुश्किल हो गया है। होम स्टे संचालकों और पर्यटन कारोबारियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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- मदन सिंह नबियाल, नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष, नाबी
गांव में 40 होम स्टे हैं, जिन्हें पिछले तीन साल में पांच से 15 लाख रुपये की आमदनी हुई थी। कोविड के कारण यात्रा न होने से लोगों का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।
- सनम नबियाल, ग्राम प्रधान, नाबी।
ग्रिफ ने व्यास घाटी में ओम पर्वत और आदि कैलाश यात्रा तक सड़क लिंक कर दी है। यात्रा शुरू हो जाने पर देश-विदेश से अधिक संख्या में पर्यटक आ सकते हैं। ऐसे में आर्थिक क्षति की पूर्ति हो सकती है।
- अशोक सिंह नबियाल, संरक्षक, होम स्टे समिति।
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व्यास घाटी के 50 से अधिक होम स्टे संचालक और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग कोविड 19 की मार से नहीं उबर सके हैं। उन्हें उम्मीद थी कि अनलॉक के बाद आदि कैलाश यात्रा भी शुरू होगी, लेकिन ऐसा न होने से वह बेहद परेशान हैं। हालांकि कोरोना टीकाकरण के कारण उन्हें जल्द यात्रा शुरू होने की आस अवश्य है।
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आदि कैलाश यात्रा कोविड 19 के कारण बंद है। इसके चलते परिवार पालना मुश्किल हो गया है। होम स्टे संचालकों और पर्यटन कारोबारियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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- मदन सिंह नबियाल, नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष, नाबी
गांव में 40 होम स्टे हैं, जिन्हें पिछले तीन साल में पांच से 15 लाख रुपये की आमदनी हुई थी। कोविड के कारण यात्रा न होने से लोगों का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।
- सनम नबियाल, ग्राम प्रधान, नाबी।
ग्रिफ ने व्यास घाटी में ओम पर्वत और आदि कैलाश यात्रा तक सड़क लिंक कर दी है। यात्रा शुरू हो जाने पर देश-विदेश से अधिक संख्या में पर्यटक आ सकते हैं। ऐसे में आर्थिक क्षति की पूर्ति हो सकती है।
- अशोक सिंह नबियाल, संरक्षक, होम स्टे समिति।