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पिथौरागढ़ जिले के 459 विद्यालय बिजली और 128 विद्यालय शौंचालय विहीन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2022 12:07 AM IST
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No More Facility in School of  Pithauragarh
No More Facility in School of Pithauragarh
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में 459 विद्यालय बिजली, 128 प्राथमिक और जूनियर विद्यालय शौचालय विहीन हैं। बिजली विहीन विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा बच्चों के लिए सपना बनी है। इसके बाद भी सरकार और शासन-प्रशासन को गरीब बच्चों और अभिभावकों को वांछित सुविधा नहीं दिला सकी है।
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राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई दावे होने के बावजूद सरकारी विद्यालयों की स्थिति नहीं बदल पा रही है। चीन और नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिले के विद्यालय भी बदहाल हैं। शिक्षक और अभिभावक मजबूरन बच्चों को संसाधनहीन विद्यालयों में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। सीमांत जिले के 459 विद्यालयों में बिजली नहीं है। इस कारण खराब मौसम में यहां पढ़ाई नहीं हो पाती। कुल 128 जूनियर और प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय नहीं हैं। हर वर्ष ऐसे विद्यालयों में शौचालय बनाने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजे जाते हैं लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। जिले के 89 विद्यालयों में बच्चों और अभिभावकों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। भोजनमाताओं को ऐसे विद्यालय में मिड-डे मील बनाने के लिए गांव के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ता है। बच्चे और शिक्षक अपने लिए घर से बोतल में पानी लाते हैं। जिले के 80 प्राथमिक और चार जूनियर हाईस्कूल जीर्णशीर्ण हैं। शिक्षक ठीक मौसम में तो बच्चों को बाहर पढ़ाते हैं लेकिन खराब मौसम में बच्चों को मजबूरन जीर्णशीर्ण विद्यालयों में पढ़ाया जाता है।
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प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद भी लंबे समय से खाली
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में प्रधानाचार्य के 105 और प्रधानाध्यापक के 77 पद खाली हैं। सीमांत जिले में प्रधानाचार्य के 128 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ 23 प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक के 87 पद स्वीकृत हैं, इसके सापेक्ष सिर्फ 10 प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। सहायक अध्यापक के 1493 पद स्वीकृत हैं, इसके सापेक्ष सिर्फ 1056 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। 437 पद लंबे समय से खाली हैं।
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बिजली-शौचालय विहीन विद्यालय और जीर्णशीर्ण विद्यालयों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से नियुक्ति होने पर शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। - डॉ. अशोक कुमार जुकरिया, सीईओ, पिथौरागढ़।
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