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टेंट में गुजर रही आपदा प्रभावितों की रातें
ब्यूरो/अमर उजाला, मदकोट
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:27 PM IST
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टैंटों में रह रहे मुनस्यारी के आपदा प्रभावित गांवों के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आपदा ने सीमांत के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन से डोबरी, साना एवं रोपाड़ अब रहने लायक नहीं रह गया है। आपदा के भय से यहां के लोग बियाबान जंगलों में लगाए गए टेंट में रातें गुजार रहे हैं।
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दो जुलाई को आई आपदा के बाद मुनस्यारी विकासखंड के डोबरी, वेगा, नार्की, साना, रतगड़ी, गैला, राप्ती, डोलमा, वल्थी, रोपाड़, देवीबगड़ सहित आसपास के गांवों में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। भूस्खलन की जद में आए घरों के जमींदोज होने का खतरा बना है। ऐसे में अधिकतर परिवार घर छोड़कर जंगल में टेंट में रह रहे हैं। पशुपालन और खेती से गुजर-बसर करने वाले ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
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ग्रामीण मवेशियों के लिए चारा तक नहीं जुटा पा रहे हैं। पुल और मार्ग बहने से ग्रामीणों के चलने के लिए रास्ते तक नहीं हैं। गैला गांव के लिए पुलों के स्थान पर उफनाई नदी एवं गधेरों को ट्राली और लकड़ी के लट्ठों के सहारे पार कर रहे हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना है। बड़ी मुश्किल से आबादी से दूर स्थित टेंट में पहुंचाए गए बच्चे और वृद्ध इन्हीं टेंट में कैद होकर रह गए हैं।
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भाजपा अनुश्रवण टीम ने सुनीं समस्याएं
मदकोट (पिथौरागढ़)। भाजपा अनुश्रवण टीम ने मदकोट क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। टीम के चेयरमैन जगत मर्तोलिया ने बताया कि आपदा के कारण कई गांव रहने लायक नहीं रह गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाएं, मार्ग और पुलों के पुनर्निर्माण की मांग सरकार से की जाएगी। इस टीम में मंडल अध्यक्ष प्रयाग पालीवाल, जगदीश, ठाकुर सोरागी, जीवन शामिल थे।
कांग्रेसियों ने हिमखोला गांव पहुंचाया राशन
धारचूला। कांग्रेसियों ने स्कूल भवन में शरण लिए हिमखोला के आपदा प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया। धारचूला के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर भी अपनी पीठ पर चावल की बोरी लादकर हिमखोला पहुंचे। दो जुलाई को आई आपदा से हिमखोला गांव के पांच परिवार खतरे की जद में आ गए थे। इन परिवारों को प्राइमरी स्कूल में ठहराया गया है। प्रशासन की ओर से अब तक इन परिवारों को अहेतुक धनराशि, प्लास्टिक सीट और खाद्यान्न के पैकेट दिए जा चुके हैं। बुधवार को आपदा प्रभावितों के लिए राहत सामग्री ले जाने वालों में भुवन कुटियाल, दीपक बिष्ट आदि शामिल थे।